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सारे डीलरों का नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन, कैसे होगा कारोबार

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सारे डीलरों का नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन, कैसे होगा कारोबार
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पंजाब में हैं 2.25 लाख वैट लीडर, सिर्फ 88 फीसदी का ही हुआ रजिस्ट्रेशन
खास बातें -
एक जुलाई केबाद नहीं कर सकेंगे कारोबार
अंतर-राज्यीय व्यापार करने वालों पर आएगा संकट
निर्यातकों का माल भी फंस जाएगा
जीएसटी की वेबसाइट का सर्वर डाउन
अखिल तलवार
चंडीगढ़।
केंद्र सरकार एक जुलाई से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू करने जा रही है, लेकिन पंजाब अभी इसकेलिए तैयार ही नहीं है। अभी तक पंजाब क े सभी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है, जिनके लिए एक जुलाई के बाद कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।
एक्साइज टैक्सेशन विभाग केमुताबिक पंजाब में करीब 2.25 लाख वैट डीलर हैं। अभी तक इनमें से सिर्फ 88 फीसदी डीलरों का ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिन्हें यूजर आईडी जारी किए गए हैं। बाकी बचे बारह प्रतिशत डीलर एक जुलाई के बाद कारोबार नहीं कर सकेंगे। खासतौर पर दूसरे राज्यों से व्यापार करने वालों केलिए बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं, पंजाब के बड़ी संख्या में निर्यातक भी प्रभावित होंगे। हालांकि केंद्र सरकार ने तीन महीने तक रजिस्ट्रेशन करवाने की छूट दी है, लेकिन जीएसटी नंबर के बिना बिलिंग ही नहीं हो सकेगी। जीएसटी की वेबसाइट में लगातार समस्या आ रही है। उसका सर्वर ही डाउन रहता है, जिसकेचलते रजिस्ट्रेशन हो भी नहीं पा रहे हैं। इस बारे मे राज्य का एक्साइज व टैक्सेशन विभाग कुछ भी करने में असमर्थता जता रहा है। जानकारी के मुताबिक विभाग ने पांच माह पहले रजिस्ट्रेशन की कवायद शुरू की थी, लेकिन अब तक विभाग सवा दो लाख डीलरों का रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवा सका।
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कारोबार बेटे का, पैन पिता का
बड़ी संख्या में लोग हैं, जिनके पैन नंबर का विवाद खड़ा हो गया है। पिता ने कारोबार शुरू किया, अपना पैन नंबर देकर टिन नंबर ले लिया। पिता की मौत हो गई, बेटा कारोबार चलाता रहा। जब जीएसटी के रजिस्ट्रेशन का समय आया तो पिता का पैन नंबर खारिज हो गया। बेटे अपने अपना पैन नंबर एक्साइज विभाग को दिया, लेकिन विभाग ने अब तक उसे अपने सिस्टम पर अपलोड नहीं किया। अब ऐसे लोग असमंजस में हैं कि एक जुलाई से उनके कारोबार का क्या होगा। ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने पहले पार्टनरशिप में कारोबार शुरू किया, बाद में अलग हो गए। पर उनकी जीएसटी पार्टनरशिप के नाम पर जारी हो गई। ये लोग विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, अधिकारियों को फोन कर रहे हैं, पर कोई भी इनकी मदद नहीं कर रहा है।
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