फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांगड़ा हादसे की साइड स्टोरी

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

आल सेंटर


कांगड़ा में हुए हादसे की साइड स्टोरी


सरदारी लाल के घर पर टूटा दुखों का पहाड़
घर में अकेली थी कमाने वाली, घर पर बीमार पति व बेटा है
रमेश शुक्ला सफर
अमृतसर। कांगड़ा के ढलियारा हादसे के बाद अमृतसर के सरदारी लाल के घर पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनकी पत्नी स्वर्णों चितंपूर्णी ज्वाला जी के दर्शन करने गई थीं। हादसे में उसकी भी मौत हो गई है। सरदारी लाल गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। वे दिन भर चारपाई पर लेटे रहते हैं। उनका 26 वर्षीय बेटा दिमागी रूप से पीड़ित है। घर के किसी सदस्य को नहीं मालूम कि घर की सभी जिम्मेदारियों को उठाने वाली स्वर्णों अब इस दुनिया में नहीं है। पड़ोस में रहने वाली छब्बू ने बताया कि स्वर्णों सब्जी मंडी में दिहाड़ी में काम करती थीं। अपनी मेहनत के दम पर उसने अपना आशियाना खड़ा किया था। घर में कमानी वाली वह अकेली थी। पड़ोसियों का कहना था कि स्वर्णों के जाने के बाद बीमार बाप व बेटे की देखभाल कौन करेगा।
हरिपुरा इलाके में छाया मातम
हादसे में शिकार ज्यादातर श्रद्धालु हरिपुरा इलाके से ताल्लुक रखते हैं। यहां किसी का भाई लापता है तो किसी की भाभी गंभीर रूप से घायल है। हर दूसरे घर में मातम मचा हुआ है।
विज्ञापन

थाना इस्लामाबाद के इंचार्ज रवि दत्त तथा डीएसपी पश्चिम ओंकार सिंह ने बताया कि उन्हें दो बजे घटना की जानकारी मिली थी। विधायक डा. राजकुमार ने कहा कि हर पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है।
विज्ञापन

वैष्णो देवी जाने का वादा कर गई थी मां
इलाके की जानकी बेटे राम को कहकर गईं थी कि ज्वाला जी से लौटने के बाद वे वैष्णो देवी जाएंगे। राम की इच्छा थी कि वे अपनी मां के साथ वैष्णो देवी जाएंगे। लेकिन राम की इच्छा अब अधूरी रह गई है। रोहित को अपने भाई-भाभी व भतीजी का कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। उसने तीनों की स्थिति जानने के लिए कांगड़ा के डीसी व एसएसपी को फोन किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें