पंचकूला। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का रिजल्ट घोषित हो गया। इसमें शहर की छात्राओें ने बाजी मारी है। इसमें टॉप टेन में छात्राओं ने अच्छे अंक हासिल किए हैं। रिजल्ट आने के बाद अधिकारियों, छात्रों और शहर के लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। पंचकूला जिले में गीतिका मठारू ने पहला स्थान हासिल किया है। गीतिका मठारू सार्थक गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-12 की छात्रा हैं। उन्होंने 97.6 फीसदी अंक हासिल किया है। वहीं दूसरा स्थान प्रीति कुमारी 96.6 फीसदी अंकर हासिल किया है। प्रीति कुमारी सेक्टर-20 गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। तीसरा स्थान संयुक्त रूप से दीपांशु और गुंजन ने हासिल किया है। दीपांश नोबल हाईस्कूल पिंजौर की छात्रा है। वहीं, गुंजन सार्थक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। दोनों ने 96.2 फीसदी अंक हासिल किए है। छात्राओं ने बेहतरीन अंक हासिल करने के बाद खुशी जाहिर की। वहीं छात्राओं के परिजनों ने छात्राओं का मुंह मीठा कराया है।
क्लर्क की बेटी ने हासिल किया प्रथम स्थान
जिले में पहला स्थान हासिल करने वाली गीतिका मठारू अपना रोल मॉडल अपने पिता के ऑफिस की महिला अधिकारी आईएफएस डॉ. अमरिंदर कौर को मानती हैं। उन्होंने उसे कई बार मोटिवेट किया है। बताया कि वह सात घंटे की सेल्फ स्टडी करती थी। वह एग्जाम के दिनों में टॉपिक पर फोकस कर पढ़ाई करती थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत को दिया है। उन्होंने बताया कि उसके पिता सुनील मठारू फॉरेस्ट विभाग में बतौर क्लर्क काम करते हैं। वहीं, उनकी मां हाउस वाइफ हैं। उन्होंने बताया कि वह तनाव को दूर करने के लिए म्यूजिक सुनती थीं। वह आईएफएस अधिकारी बनाना चाहती हैं। गीतिका मठारू ने बताया कि कड़ी मेहनत ही सफलता का मूलमंत्र है। गीतिका मठारू ने 500 में से 488 अंक हासिल किया है।
प्रीति ने हासिल किया दूसरा स्थान
जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाली प्रीति सेक्टर-20 गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर अपने माता और पिता का नाम रोशन करना चाहती हैं। उनके पिता जय प्रकाश प्रसाद इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। उनकी मां रानी देवी हाउस वाइफ हैं। वह कॉमर्स से 12वीं की पढ़ाई पूरी करेंगी। इसके बाद वह सीए बनकर अपने घर का नाम रोशन करेगी। उन्होंने बताया कि सात घंटे की सेल्फ स्टडी करती थीं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल खाली समय पर करती थीं। कुमारी प्रीति ने 483 अंक हासिल किए हैं।
गुंजन और दीपांशु संयुक्त रूप से रही तीसरे स्थान पर
जिलें में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल करने वाली गुंजन सेक्टर-12 ए सार्थक सीनियर सेकेंडरी स्कूलकी छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि सात घंटे की पढ़ाई करती थी। वह आउटडोर गेम पढ़ाई के बाद पसंद करती थीं। वह क्रिकेट और वॉलीबाल खेलती थी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद वह हमेशा खेलती थी। उनके पिता सतबीर खान और उनकी मां अनीता सिलाई का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे माता पिता ने हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाया है। पढ़ाई से ही वह अच्छा कर सकती है। वह बेकिंग सेक्टर में अपना कैरियर बनाएंगी। उनके पिता सतबीर खान ने बताया कि उनकी बेटी ने यह नंबर अपनी मेहनत से हासिल किए हैं। कड़ी मेहनत से हर सफलता हासिल की जा सकती है। हमने हमेशा बेटी का उत्साह बढ़ाया है। संयुक्त रूप से टॉपर रही गुंजन ने 481 अंक हासिल किए हैं। नोबेल हाईस्कूल पिंजौर की छात्रा दीपांशु ने बताया कि वह कार्डियो की डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। वह आगे की पढ़ाई मेडिकल स्ट्रीम से करेगी। उसके पिता कमल किशोर प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट हैं। वहीं, उनकी मां गुरदीप कौर हाउस वाइफ हैं। संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल करने वाली छात्रा दीपांशु ने बताया कि सात घंटे की पढ़ाई कर उसने यह अंक हासिल किए हैं। वह सांग सुनकर अपने पढ़ाई के तनाव को खत्म करती थी। संयुक्त रूप से टॉपर रही दीपांशु ने 481 अंक हासिल किए हैं।