व्यक्ति खुद ऐसी तकनीक सीखे जिससे जीवन खुशहाल रहे : डॉ. निशा भार्गव
-एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वीमेन-36ए के स्टाफ मेम्बर्स के लिए कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वीमेन-36ए के स्टाफ मेम्बर्स के लिए वीरवार को भावनात्मक स्वतंत्रता तकनीक (इमोशनल फ्रीडम टेकिभनक) पर एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इंटरनल क्वालिटी इश्योरेंस सेल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जीएमएसएच-16 के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. विजय गिरधर मुख्य अतिथि थे। दो गहन सत्रों में विभाजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को इस कौशल प्रक्रिया से अवगत कराना था जो नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में सहायता करती है।
पहले सत्र में डॉ. गिरधर ने बताया कि ईएफटी या टैपिंग थेरेपी एक यूनिवर्सल हीलिंग टूल है। इसके शारीरिक कष्ट के साथ भावनात्मक चुनौतियों के समाधान में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया। दूसरे सत्र के दौरान विशेषज्ञ ने भाषा के महत्व पर जोर दिया और फिर एक अभ्यास प्रक्रिया के माध्यम से ईएफटी का प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिभागियों ने स्वयं पर ईएफटी के माध्यम से अपने जीवन के मुख्य पहलुओं पर इसका अभ्यास किया। प्रिंसिपल डॉ. निशा भार्गव ने आईक्यूएसी की इस पहल की सराहना की और कहा कि वर्तमान समय में तनाव और अन्य मुद्दों को देखते हुए यह जरूरी है कि व्यक्ति खुद को ऐसी तकनीकों सीखे जिसके द्वारा उनका जीवन सरल एवं खुशहाल रहे।