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रेजिडेंट्स डाक्टरों की मांगे नहीं मानी तो पीजीआई कन्वोकेशन का विरोध

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रेजिडेंट्स डाक्टरों की मांगें नहीं मानीं तो पीजीआई कन्वोकेशन का विरोध
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कन्वोकेशन रद्द होने से नाराज चल रहे हैं रेजिडेंट डाक्टर
आखिरी वक्त पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का कार्यक्रम रद्द हुआ था, इस वजह से कैंसिल हुई थी कन्वोकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई में कन्वोकेशन को स्थगित करने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को एसोसिएशन की मीटिंग हुई, जिसमें हजार से ज्यादा जूनियर डाक्टरों ने हिस्सा लिया और पीजीआई प्रशासन के रवैए के खिलाफ गुस्सा किया। पीजीआई के रेजिडेंट्स डाक्टरों ने पीजीआई प्रशासन को तीन डिमांड सौंपी हैं। साथ ही कहा है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे नौ फरवरी को होने वाले कन्वोकेशन का विरोध करेंगे। कन्वोकेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आ रहे हैं। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा. उत्तम ठाकुर ने बताया कि वे जानते हैं कि कन्वोकेशन के कार्यक्रम का स्थगन पीजीआई ने नहीं, बल्कि केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर हुआ है। इस स्थिति में पीजीआई को एक चांस दिया जा रहा है। यदि वे तीन मांगें पूरी करते हैं तो सभी साथी कन्वोकेशन को अटेंडे करेंगे।

जूनियर डाक्टरों की तीन मांगें
पीजीआई प्रशासन को कन्वोकेशन में हिस्सा लेने वाले प्रत्येक रेजिडेंट्स डाक्टरों को माफीनामा भेजना होगा। दूसरी उनकी मांग है कि कन्वोकेशन हर साल होनी चाहिए। साथ ही एक और चीफ गेस्ट का विकल्प रखना चाहिए। यदि एक चीफ गेस्ट नहीं आता है तो दूसरे को बुलाया जा सके। उनकी तीसरी मांग यह है कि जो डाक्टर चार फरवरी को कन्वोकेशन में हिस्सा लेने आए थे और अब वे नौ को नहीं आ सकते, उनकी डिग्री कोरियर से उनके पते पर भिजवाई जाए। यदि इन तीनों मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
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यह था विवाद
दरअसल पीजीआई की ओर से चार फरवरी को कन्वोकेशन का समय तय किया गया था। यह कन्वोकेशन चार साल बाद आयोजित की जा रही थी। कन्वोकेशन में हिस्सा लेने वाले कई रेजिडेंट्स डाक्टर देश के दूर दराज हिस्सों से आने वाले थे। कई डाक्टर तो देश के बाहर से आने वाले थे। इसमें करीब दो हजार से ज्यादा डाक्टर शामिल होने वाले थे। अधिकतर डाक्टर अपने पेरेंट्स व अन्य लोगों के साथ कन्वोकेशन में हिस्सा लेने आ रहे थे। इसके लिए उन्होंने हवाई टिकट भी बुक करा दी थी। किसी की टिकट में 25 हजार रुपये का खर्च आया था तो किसी को 30 हजार की टिकट पड़ी। इस दौरान पता चला कि कन्वोकेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने आ रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा नहीं आ रहे हैं। उन्हें कोई जरूरी काम पड़ गया है। वे अब नौ फरवरी को आएंगे। इसलिए कन्वोकेशन का समय चार से बदलकर नौ फरवरी कर दिया गया। कार्यक्रम के स्थगन से रेजिडेंट्स डाक्टरों को अपनी टिकट कैंसिल करवानी पड़ी। इससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। उनका कहना था कि यदि चीफ गेस्ट नहीं आ रहे थे, तो इससे क्या फर्क पड़ने वाला था। रेजिडेंट्स डाक्टर सादे समारोह में ही डिग्री लेने के तैयार थे, लेकिन पीजीआई प्रशासन तैयार नहीं हुआ और तारीख बढ़ा दी गई। इससे डाक्टर काफी नाराज थे।
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