डीन रिसर्च का पद खाली, बाधित हो रहे हैं कार्य
- रिसर्च स्कॉलर्स को ग्रांट से लेकर विषय चयन में भी आ रही दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू में डीन रिसर्च का पद एक माह से खाली पड़ा है। इसको लेकर रिसर्च की समस्याएं बढ़ रही हैं। रिसर्च स्कॉलर्स को ग्रांट से लेकर विषय चयन आदि की दिक्कतें आ रही हैं।
डीन रिसर्च का पद महत्वपूर्ण होता है। पीयू में पिछले वर्षों में इस पद का नाम बदलकर डीन निदेशक कर दिया गया। लेकिन हाल ही में फिर से इस पद को बहाल किया गया। डीन रिसर्च के पद पर नई तैनाती हुई, लेकिन सीनेट में सदस्यों ने विरोध कर दिया। कहा गया कि वरिष्ठता के आधार पर इस पद पर शिक्षक की तैनाती की जाए। उसके बाद से अब तक किसी की तैनाती नहीं हो पाई है। इस वजह से डीन रिसर्च से जुड़े कार्य नहीं हो पा रहे हैं। शोध को लेकर हर साल रैंकिंग जारी होती है। सोमवार को जो रैंकिंग जारी हुई है उसमें भी रिसर्च की रैंकिंग गिरी है। यदि यह महत्वपूर्ण पद खाली रहता है तो फिर से रैंकिंग में सुधार की गुंजाइश नजर नहीं आती। सूत्रों का कहना है कि कई रिसर्च स्कॉलर की ग्रांट न मिलने की शिकायतें ऊपर तक पहुंच गई लेकिन उनका हल नहीं हो पाया है। शोध से जुड़े पत्र भी अटके हुए हैं। कई अन्य काम भी प्रभावित हैं। यदि समय रहते इस पद पर तैनाती नहीं होती है तो दिक्कत खड़ी हो सकती है।