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40 साल से एक ही जगह पर बेच रहे सामान, नहीं आया ड्रा में नाम

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40 साल से एक ही जगह पर बेच रहे सामान, नहीं आया ड्रा में नाम

30 दिसंबर को निकले ड्रा से सेक्टर- 22 और सेक्टर- 19 के वेंडर्स काफी परेशान


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 30 दिसंबर को निकले ड्रा से सेक्टर- 22 और सेक्टर- 19 के वेंडर्स काफी परेशान हैं। वेंडर्स का कहना है कि गलत सर्वे किया गया है। सर्वे के अनुसार पुराने वेंडर का नाम ड्रा में नहीं आया है। कुछ ही पुराने वेंडर्स का नाम लिस्ट में आया। जो लोग हाथ में खड़े होकर सामान बेच रहे हैं, उन्हीं का ड्रा में नाम आया है। उनका कहना है कि वे पिछले 30-40 सालों से एक ही जगह पर सामान बेच रहे हैं, लेकिन उनका नाम नहीं आया।

क्या कहते हैं वेंडर्स...

दोबारा विचार करे नगर निगम
वेंडर जोन एक्ट के अंतर्गत जो ड्रा 30 दिसंबर को निकाला गया है उसमें केवल उन लोगों के नाम आए हैं जो केवल एक या दो साल से बैठे हैं। जो लोग पुराने हैं उनका ड्रा में नाम नहीं आया। हमारे साथ गलत हुआ है। नगर निगम को इस पर सोचना चाहिए।
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-नीरज कुमार, वेंडर सेक्टर- 19 मार्केट

बुढ़ापे में हमारे साथ अन्याय हुआ
मेरी उम्र 62 साल है। मैं 40 साल से यहां फड़ी लगा रहा हूं। इतने पुराने होने के बाद भी ड्रा में नाम नहीं आया। जो यहां कुछ सालों से बैठे हैं केवल उन्हीं का नाम आया है जबकि पुराने लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। बुढ़ापे में हमारे साथ अन्याय हुआ।
-राजेंद्र कुमार, वेंडर सेक्टर 19 मार्केट

हमारी जगह यहीं पर हो तय
तीस साल से यहीं पर बुजुर्ग हो गया हूं। कोर्ट से स्टे तो मिल गई है, लेकिन पता नहीं 17 को क्या फैसला होगा। हमारी कोर्ट और निगम से विनती है कि हमें यहां से न हटाया जाए। किसी और जगह पर काम जमाने में काफी परेशानी होगी। परिवार का गुजारा कैसे होगा। गलत सर्वे के अनुसार गलत ड्रा निकाला गया है। इससे हम सहमत नहीं हैं।
-राज कुमार, वेंडर सेक्टर 19 मार्केट


कोर्ट से लड़ेंगे अपनी लड़ाई
उन लोगों के नाम ड्रा में नाम आए जिनको हम जानते भी नहीं हैं। तीन सौ पुराने वेंडर्स में से केवल छह का नाम लिस्ट में आया है। हमारी सुनवाई नहीं होती है तो कोर्ट की प्रक्रिया से अपनी लड़ाई लड़ेंगे और प्रदर्शन भी करेंगे। निगम ने हमारे साथ भेदभाव किया है। एकदम से किसी और जगह पर काम कैसे जमेगा।
-रविंदर सिंह टिम्मा, वेंडर सेक्टर 22 मार्केट

इतनी पूंजी नहीं कि दुकान किराए पर लें
दो सौ से ज्यादा पुराने लोग हैं, उनमें से केवल बारह लोगों का ही नाम ड्रा में आया है। सर्वे गलत किया गया है। उन लोगों के नाम आए हैं जो दुकानों पर काम करते हैं। हमारे पास इतनी पूंजी भी नहीं है कि कहीं किराए पर दुकान लेकर अपना गुजारा कर सकें। इस उम्र में कहां जाएं। भविष्य में हमारी हालत ऐसी हो जाएगी हम पेट भी नहीं भर पाएंगे।
-सुखविंद्र सिंह लाठी, वेंडर सेक्टर- 22 मार्केट


इसी फड़ी से होता है गुजारा
26 साल से खरड़ से यहां आकर फड़ी लगा रही हूं। पूरे परिवार का गुजारा इसी फड़ी से हो रहा है। अभी चंडीगढ़ का आधार कार्ड न होने की वजह से हमें यहां से हटाया जा रहा है। अब कहां जाकर नए सिरे से काम शुरू करें। निगम से विनती है कि हमें यहीं पर बिठाया जाए। बार बार तंग न करके पक्के कार्ड बनाए जाएं।
-किरण सेमुलिशा, महिला वेंडर सेक्टर 22 मार्केट


बुढ़ापे में बेटियों को लेकर कहां जाऊं
मेरी उम्र 70 साल है। मेरी छह बेटियां हैं और पति भी नहीं हैं। किराए पर रहती हूं। यही एक फड़ी है जिससे गुजर बसर हो रही है। जो हाथ पर रखकर सामान बेचते हैं उनका ड्रा निकल आया। हम जो 40 साल से बैठे हैं, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मंहगाई और बुढ़ापे में अपनी बेटियों को लेकर कहां जाऊं।
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-आशा, महिला वेंडर सेक्टर 22 मार्केट

निगम भी नहीं बना था तब से बैठा हूं यहां
किराए के मकान में दो बेटियों के साथ रहता हूं। मेरी ऐसी स्थिति भी नहीं है कि मजदूरी कर सकूं। 72 साल की उम्र में कैसे घर का गुजारा चलाउंगा। मैं तब से यहां पर फड़ी लगाता हूं। जब नगर निगम भी नहीं बना था। आज हमें ही से हटाया जा रहा है। यह सरासर गलत है।
-हंसराज, वेंडर सेक्टर 22 मार्केट
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