पीयू में दर्ज एससी/एसटी उत्पीड़न के मामले फर्जी
- सात केस आए थे सामने, यूनिवर्सिटी ने यूजीसी को भेजी रिपोर्ट
- यूजीसी ने शिकायत दर्ज कराने के लिए की है ऑनलाइन व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में एससी/एसटी उत्पीड़न के दर्ज मामले फर्जी मिले हैं। जांच में इसका खुलासा होने के बाद रिपोर्ट बनाकर यूजीसी को भेज दी गई है। यूजीसी ने सुझाव दिया है कि आरोप सही होने पर ही स्टूडेंट या अन्य कोई शिकायत दर्ज कराए।
वर्ष 2017-18 में अनुसूचित जाति-जनजाति के सात विद्यार्थियों का उत्पीड़न किए जाने के आरोप लगे थे। इसकी शिकायत एससी-एसटी सेल में दर्ज कराई गई। सेल की ओर से इन मामलों की जांच की गई। सुबूत कोई मिल नहीं मिला। इस वजह से जांच समिति ने आरोप बेबुनियाद बताए। रिपोर्ट सामने आई तो इसे यूजीसी को भेजा गया। साथ ही आरोप लगाने वाले विद्यार्थियों को भी जांच रिपोर्ट भेजी गई। यूजीसी ने कहा है कि स्टूडेंट या कोई अन्य व्यक्ति किसी पर झूठे आरोप न लगाएं। यह एक अपराध की श्रेणी में आता है। किसी व्यक्ति को बदनाम करना गलत है। स्टूडेंट इसे गंभीरता से लें।
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एससी-एसटी के दर्ज सात मामले फर्जी पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर यूजीसी को भेज दी गई है। स्टूडेंट, शिक्षक व कर्मचारी उत्पीड़न के मामले ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
- अनिल कुमार, को-ऑर्डिनेटर, एससी/एसटी सेल पीयू