वीसी की अंतिम सिंडिकेट मीटिंग का बॉयकाट
वीसी ने सिंडिकेट, सीनेट सदस्यों को गैंगस्टर, गिद्ध की दी थी उपाधि
पंद्रह सदस्यों में 13 ने किया बॉयकाट
वीसी पर पत्नी को नियमों के खिलाफ पीयू में नौकरी देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर की अंतिम सिंडिकेट बैठक का 15 में से 13 सदस्यों ने बॉयकाट कर दिया। सदस्यों में वीसी की ओर से अपशब्द बोलने को लेकर असंतोष चला आ रहा है। इसी वजह से शनिवार को बैठक में भाग नहीं लिया। उधर, सिंडिकेट में किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पाई। बता दें कि वीसी ने हाल ही में सिंडिकेट और सीनेट सदस्यों को गैंगेस्टर और गिद्ध कहा था। बैठक में सभी सिंडिकेट सदस्यों ने वीसी से इस मामले में पक्ष रखने के लिए कहा तो वे तैयार नहीं हुए। इससे नाराज सिंडिकेट सदस्य बाहर चले गए। इसके अलावा वीसी पर कई तरह के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
सिंडिकेट सदस्य अशोक गोयल ने आरोप लगाते हुए कहा कि वीसी अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने नियमों के खिलाफ अपनी पत्नी नीरा ग्रोवर की पीयू में नियुक्ति करवाई है। करीबियों को फायदा पहुंचाने केलिए वीसी अंतिम समय पर मनमानी कर रहे हैं। उनका कार्यकाल खत्म होने को है। इसके बावजूद पीयू में नियुक्तियां जोर-शोर से चल रही हैं।
वीसी का कार्यकाल काला अध्याय : सुभाष शर्मा
सिंडिकेट सदस्य सुभाष शर्मा ने वीसी अरुण ग्रोवर के कार्यकाल को काला अध्याय तक करार दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुण ग्रोवर के कार्यकाल में पहली बार फीस बढ़ोतरी को लेकर पुलिस की लाठियां चलीं। बच्चों को क्लास रूम से निकालकर पुलिस ने पीटा और गिरफ्तार किया। पीयू के इतिहास में पहले वीसी हैं, जिनके ऊपर सेक्सुअल हरासमेंट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। इससे पीयू की छवि खराब हुई है। वे पीयू को नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आ रहे हैं। लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए सदस्यों के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग करते हैं और पीयू की छवि का धूमिल करने में लगे हैं।
वित्तीय हालात के लिए वीसी जिम्मेवार
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने आरोप लगाया कि वीसी के कार्यकाल में पंजाब यूनिवर्सिटी की वित्तीय हालात खस्ता हुई है। कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। इन सभी चीजों पर ध्यान न देकर वह बेकार की बातों पर ध्यान दे रहे हैं। छात्रों को हॉस्टल अलॉटमेंट की ऑनलाइन प्रक्रिया बजट की कमी के कारण शुरू नहीं हो सकी। पीयू के सिंडिकेट मेंबर प्रो. अशोक गोयल और नवदीप गोयल ने बताया कि हॉस्टल में छात्रों को कई तरह की दिक्कतें हैं। यूआईईटी कैंपस में हो रहे निर्माण कार्य को आज तक पूरा नहीं किया जा सका। इसके लिए बजट की समस्या बताई गई। केंद्र और पंजाब सरकार से ग्रांट की राशि एक बार हासिल नहीं कर सके।
62 मुद्दों पर होनी थी चर्चा
पीयू में कुल 62 मुद्दों पर सिंडिकेट की मीटिंग में चर्चा होनी थी। इससे पहले 10 जून के सिंडिकेट में भी 20 मुद्दे रखे गए थे। हालांकि, सिंडिकेट सदस्य निजी कारणों का हवाला देते हुए बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इस कारण बैठक टाल दी गई थी।
रजिस्ट्रार को एक्सटेंशन नहीं चाहते सदस्य
पीयू के रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्ढा का कार्यकाल 30 अक्तूबर को खत्म हो रहा है। इन्हें एक्सटेंशन देने के लिए वीसी की ओर से पिछली सिंडिकेट मीटिंग में प्रस्ताव लाने की तैयारी थी। हालांकि, सदस्यों के शामिल नहीं होने से मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पाई। सिंडिकेट सदस्य रजिस्ट्रार को एक्सटेंशन देने के पक्ष में नहीं हैं, जबकि वीसी जाने से पहले अपने नजदीकी रजिस्ट्रार को एक्सटेंशन दिलाने के पक्ष में हैं।
इन सदस्यों ने किया वॉकआउट
सिंडिकेट बैठक से वॉकआउट करने वालों में शैली वालिया, अशोक गोयल, नवदीप गोयल, संजय टंडन, अमीरा सुल्ताना, प्रभजीत सिंह, अनु चतरथ, केशव मल्होत्रा, सुभाष शर्मा सहित अन्य सिंडिकेट सदस्य शामिल रहे।