फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फीस वृद्धि: स्कूल प्रबंधन ने कहा, कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं यह केस

Thu, 10 May 2018 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
nursery admission
विज्ञापन
सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-44 चंडीगढ़ ने बुधवार को स्कूल फीस वृद्धि मामले में सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि यह केस कोर्ट की ज्यूरिडिक्शन (अधिकार क्षेत्र) में नहीं आता है। स्कूल ने ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए एजुकेशन ट्रिब्यूनल गठित होने की भी दलील दी है।
विज्ञापन


स्कूल प्रबंधन की ओर से 13 अप्रैल 2018 को पंजाब पुनर्निर्माण एक्ट 1966 एक्ट 87 के तहत जारी अधिसूचना को आधार बनाया गया है। इसके तहत केंद्र सरकार ने यूटी चंडीगढ़ को पंजाब के अनियोजित शैक्षिक संस्थान अधिनियम, 2016 के शुल्क का विनियमन किया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से दावा किया गया है कि इस अधिसूचना के तहत जिला अदालत ऐसे मामले की सुनवाई नहीं कर सकती है।

पंजाब फीस अधिनियम की धारा 16 के तहत सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को ऐसे मामलोें से पूरी तरह अवरुद्ध किया है, जिसमें नियामक निकाय द्वारा तय, निर्धारित या निर्धारित करने के लिए आवश्यक विवाद से संबंधित समस्या है।
विज्ञापन


स्कूल प्रबंधन ने याचिकाकर्ताओं के फीस वृद्धि समेत अन्य उल्लंघना के आरोप पर दायर याचिका को उन्होंने अदालत से खारिज करने की अपील की है। अदालत मामले में 14 मई को सुनवाई करेगा।

यह है मामला
स्कूली बच्चों की फीस में बढ़ोतरी को लेकर कुछ छात्रों के पैरेंट्स ने जिला अदालत में दो मई को केस दायर किया था। याचिका में कहा गया था कि सेक्टर-44 स्थित सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने वर्ष 2017-19 के लिए फीस में मनमाने ढंग से वृद्धि की है। बीते वर्ष भी अप्रैल में स्कूल की फीस में बढ़ोतरी को लेकर कुछ छात्रों के परिजन कोर्ट पहुंचे थे। याचिका में कहा गया था कि स्कूल प्रशासन मनमर्जी से फीस में बढ़ोतरी कर रहा है।

इस संबंध में छात्रों के पेरेंट्स से मीटिंग तक नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पिछले साल याचिका दायर करने पर स्कूल ने उनके बच्चों के रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि स्कूल पिछले साल के लंबित शुल्क के बकाया के लिए भी अभिभावकों पर दबाव डाल रहा है। याचिका दायर करने के बाद अदालत ने फीस वृद्धि पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें