आईटी कंपनी के मालिक दोनों भाइयों के खिलाफ चालान दायर
पिछले साल दिसंबर में शास्त्री नगर लाइट प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों से मारपीट का मामला
पुलिस ने केस में बनाए 17 गवाह, मारपीट की सीडी भी लगाई चालान में
पुलिस ने केस में अपहरण की भी धारा लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पिछले साल दिसंबर में शास्त्री नगर लाइट प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों से मारपीट के आरोपी आईटी कंपनी के मालिक दोनों भाइयों साहिल (25) और सौमिल कोहली (22) के खिलाफ थाना पुलिस ने जिला अदालत में चालान दायर कर दिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 332, 353, 365, 506 और 34 के तहत चालान दायर किया है। मामले की अगली तारीख 8 मार्च है। इस दिन दोनों आरोपियों को चालान की कॉपी सौंपी जाएगी।
पुलिस की ओर से दायर चालान में 17 गवाह बनाए गए हैं। इनमें दो चश्मदीद गवाह बिजेंदर सिंह और बदाम सिंह भी हैं। इसके अलावा हेड कांस्टेबल शुभकरमण को शिकायतकर्ता बनाया गया है। वहीं पुलिस ने दोनों की पुलिसकर्मियों से मारपीट की रिकार्डिंग को भी केस में सबूत बनाया है। खास बात यह है कि पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ अपहरण की धारा (365) भी लगाई है। सीआरपीसी की धारा 173 के तहत दायर रिपोर्ट में पुलिस के अनुसार दोनों भाइयों ने अपने आफिस से कार में शुभकरमण को बैठाया और कार थाने लाने की जगह रेलवे लाइट प्वाइंट की ओर ले गए। इस आधार पर दोनों के खिलाफ धारा 365 को भी लगाया गया है।
यह है मामला
पिछले साल 8 दिसंबर को शास्त्री नगर लाइट प्वाइंट पर आईटी कंपनी के मालिक दो भाइयों साहिल और सौमिल ने आईटी पार्क थाने के दो पुलिसकर्मियों से मारपीट कर दी थी। लोगों ने इसका वीडियो बना दिया था और वह काफी वायरल भी हुआ था। पुलिस ने साहिल और सौमिल के खिलाफ पुलिसकर्मियों से मारपीट, सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी में बाधा डालने, अपहरण और धमकी देने के अलावा साहिल पर पटियाला निवासी युवती के यौन उत्पीड़न (धारा 354) के तहत अलग से केस दायर किया था।
शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल शुभकरण के अनुसार वह केस की जांच के लिए उनके आफिस गया था। इसके बाद वे दोनों को उनकी गाड़ी से लेकर थाने आ रहा था, लेकिन आरोपियों ने गाड़ी रेलवे लाइट प्वाइंट की ओर भगा दी। इसके बाद वह उसे लेकर शास्त्री नगर लाइट प्वाइंट पर पहुंचे और यहां उनसे और एक अन्य पुलिसकर्मी से मारपीट शुरू कर दी। वहीं साहिल और सौमिल के अनुसार हेड कांस्टेबल शुभकरमण पटियाला निवासी युवती की शिकायत पर केस दर्ज न करने की एवज में दोनों भाइयों से एक लाख रुपये रिश्वत के तौर पर मांग रहा था। इसका साहिल ने वीडियो बना लिया था। इसका पता चलने पर उसने अन्य पुलिसकर्मियों को फोन कर सिविल ड्रेस में बुलवाकर उनसे फोन छीनने का प्रयास किया। अपना फोन और पुलिसकर्मी के रिश्वत मांगने का सबूत उसमें होने के कारण वह फोन बचा रहे थे। इसी को लेकर सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी हाथापाई हो गई थी। हालांकि मामले के बाद हेड कांस्टेबल शुभकरमण को विभाग ने कुछ दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया था।