हरियाणा में 76 प्रतिशत कारोबारी रजिस्टर्ड
वित्त मंत्री का दावा एक लाख 90 हजार ने करवाया पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा में 76 प्रतिशत थोक एवं फुटकर कारोबारियों ने जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में कुल दो लाख 47 हजार डीलर हैं। इनमें से एक लाख 90 हजार ने जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि जीएसटी के तहत नया पंजीकरण जीएसटी पोर्टल पर 25 जून, 2017 से आरंभ हुआ था। उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून लागू कर सरकार ने स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार लागू किया है। केंद्र और राज्यों की ओर से एक ही समय पर जीएसटी लगाया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि लघु और मध्यम स्तर के उपक्रमों के हितों की सुरक्षा के लिए जीएसटी के तहत विशेष प्रावधान किए गए हैं। लघु इकाइयों को जीएसटी के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखने के लिए हर साल 20 लाख रुपये से कम के कारोबार वाले व्यापारिक उपक्रमों को स्वयं को पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी, 75 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम का कारोबार करने वाले व्यापारिक उपक्रमों के लिए एक कंपोजिशन योजना है, जिसमें ऐसे व्यक्तियों को नाममात्र का कर जमा कराने और एक सरल तरीके से केवल एक तिमाही में रिटर्न फाइल करने की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के करदाताओं को जिला व टाउन स्तर पर संगोष्ठियों, बैंठकों और कार्यशालाओं का आयोजन कर व रेडियो और समाचार पत्रों के माध्यम से जीएसटी के सभी पहलुओं के प्रति जागरूक, शिक्षित और प्रशिक्षित भी किया गया है।