खुदकुशी करने वाले 70 किसानों को भी सदन ने दी श्रद्धांजलि
आप विधायक बलविंदर कौर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकारा
नशे के कारण मारे गए लोगों को भी सदन ने किया याद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन ने दस दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। इसके तुरंत बाद तलवंडी साबो से आम आदमी पार्टी की विधायक डॉ. बलविंदर कौर ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि प्रदेश में इस साल मार्च से अब तक जिन 70 किसानों ने आत्महत्या की है, सदन उन्हें भी श्रद्धांजलि दे। इस पर सदन के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सहमति जताते हुए विधानसभा स्पीकर से आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
डॉ. बलविंदर कौर ने सदन में उन सभी दिवंगत किसानों के नाम पढ़ने चाहे, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी। स्पीकर ने कहा कि सभी दिवंगत किसानों के नाम उन लोगों की सूची में शामिल कर लिए जाएंगे, जिन्हें सदन ने श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू ने भी मांग उठाई की सूबे में जिन लोगों की नशे के कारण मौत हुई है, सदन उन्हें भी श्रद्धांजलि दे। सिद्धू की इस मांग पर कुछ अन्य कांग्रेस सदस्यों ने भी हामी भरी, लेकिन सदन के नेता चुप रहे और स्पीकर ने यह कहकर टाल दिया कि इन्हें भी शामिल कर लेंगे।
बुधवार को सदन ने जिन दस दिवंगत लोगों के श्रद्धांजलि दी, उनके नाम हैं- गुरदासपुर से सांसद विनोद खन्ना, पंजाब के पूर्व डीजीपी कंवरपाल सिंह गिल, प्रदेश से संबंधित तीन स्वतंत्रता सेनानी निशान सिंह, गुरदेव सिंह और बंता सिंह, ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए 22वीं सिख रेजिमेंट के परमजीत सिंह, छत्तीसगढ़ में नक्सलवादियों से लोहा लेते हुए प्राण न्योछावर करने वाले सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर-कम-कंपनी कमांडर रघुवीर सिंह, सिपाही लवप्रीत सिंह, कृषि विज्ञानी डॉ. दिलबाग सिंह अठवाल और प्रबुद्ध शख्सियत कृपाल सिंह खीरनियां।
‘अकालियों ने किया दिवंगत शख्सीयतों का निरादर’
चंडीगढ़। कांग्रेस नेताओं ब्रह्म मोहिंद्रा, हरमिंदर गिल और गुरकीरत कोटली ने शिरोमणि अकाली दल पर सदन और स्पीकर की मर्यादा के हनन का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अकालियों ने केपीएस गिल के नाम पर वाकआउट करके दिवंगत शख्सीयतों का निरादर किया है, पर यह वाकआउट एक सियासी कदम है। क्योंकि अकालियों के पास सरकार के खिलाफ कुछ नहीं है। वह सरकार की ओर से जल्द जारी किए जाने वाले श्वेत पत्र को लेकर भी आशंकित हैं। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अकाली दल के गठबंधन सहयोगी भाजपा के तीन विधायकों ने वाकआउट नहीं किया, इससे साफ है कि अकालियों का स्टैंड कितना सही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को भी झटका लगा है। क्योंकि उनके गठबंधन सहयोगी लोक इंसाफ पार्टी के सदस्य उन्हीं सीटों पर बैठे, जो उन्हें अलॉट की गई थीं।