उसके बाद पवन बंसल की बारी आई। उन्होंने खेर के यूटी स्टेटस के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही चंडीगढ़ को यूटी स्टेटस के समर्थन में रहे हैं और शहरवासी भी इसी के समर्थन में है। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में केंद्र से चंडीगढ़ से पंजाबी में साइनबोर्ड लगाने की अनुमति भी मांगी थी, जो पूरी हुई है।
पंजाबी भाषा को चंडीगढ़ की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देने की उनकी लड़ाई अभी भी जारी है। इससे पूर्व बीच में ही खेर ने बंसल को टोकते हुए कहा कि आप झूठ मत फैलाइए। मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा, जो आप लोगों के सामने रख रहे हैं। इससे पूर्व पहले नंबर पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर बोलते हुए हरमोहन धवन ने कहा कि पवन बंसल कई बार सांसद और पूर्वमंत्री रहे हैं, लेकिन पंजाबी भाषा के लिए कुछ नहीं किया। मेरी छोटी बहन किरण खेर सत्ता में हैं, उन्होंने भी इस पर कोई प्रयास नहीं किया। अगर यहां के लोग मुझे मौका देंगे तो मैं पंजाबी भाषा के हक की लड़ाई लडूंगा।
यहां पर अपनी-अपनी राय रखने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर खेर के बयान की आलोचना की। जब यह सूचना किरण खेर के पास पहुंची तो उनकी ओर से एक वीडियो जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार बुरी तरह से हार रहे हैं, इसलिए वे झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि चंडीगढ़ को पंजाब में देना चाहिए और न ही यह कहा कि चंडीगढ़ से यूटी का दर्जा छिनना चाहिए। ये झूठ कांग्रेस के उम्मीदवार पवन कुमार बंसल और कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा फैला रहे हैं।