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लोन डिफाल्टर नहीं भाग सकेंगे विदेश

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लोन डिफाल्टर नहीं भाग सकेंगे विदेश
- विदेश मंत्रालय ई-पासपोर्ट के जरिये कसने जा रहा शिकंजा
- अधिक बकाया है तो विदेश जाने के लिए विदेश मंत्रालय की लेनी होगी अनुमति
- ई पासपोर्ट में होगी व्यक्ति की बायोमीट्रिक डिटेल, नहीं हो सकेगी इसमें छेड़छाड़
सुशील कुमार
चंडीगढ़। विजय माल्या, मेहुल चोकसी, नीरव मोदी सरकार की आंखों में धूल झोंककर विदेश भाग गए, लेकिन अब कोई नया माल्या, मोदी या चोकसी विदेश नहीं भाग सकेगा। विदेश मंत्रालय ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रहा है। लोन डिफाल्टरों का डाटा ई-पासपोर्ट में समाहित होगा। इस डाटा से छेड़छाड़ भी संभव नहीं हो सकेगी। यह व्यवस्था सितंबर से लागू होने जा रही है। बता दें कि यदि किसी के ऊपर अधिक लोन आदि बकाया है तो विदेश जाने के लिए उसे विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी।
माल्या, चोकसी आदि के विदेश भागने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया तो सरकार ने उन पर शिकंजा यहीं से कसा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। भविष्य में सरकार कटघरे में न खड़ी हो, इसे देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई तैयारी की है। वर्षों से ई-पासपोर्ट की मांग की जा रही थी, जो इस मुद्दे के कारण अब लागू की जा रही है। पहले ई-पासपोर्ट केवल छेड़छाड़ व सुरक्षा के दृष्टिकोण से जारी किया जा रहा था, लेकिन अब इसके कुछ नियमों में और बदलाव हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक ई-पासपोर्ट में संबंधित व्यक्ति का पूरा डाटा बायोमीट्रिक होगा। इसमें पासपोर्ट के दौरान लगाए गए सभी डॉक्यूमेंट दिखेंगे। सूत्रों के मुताबिक जितने भी मोटे बकायेदार हैं, उनका डाटा भी ई-पासपोर्ट में फीड किया जाएगा।
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इनसेट---
एटीएम की तरह हो सकती है व्यवस्था
जिस तरह पुराने एटीएम कार्ड बदले जा रहे हैं। उसी तरह पासपोर्ट को भी ई-पासपोर्ट के लिए जमा कराना पड़ सकता है। फिलहाल, विदेश मंत्रालय ने ई-पासपोर्ट का जिम्मा नासिक स्थित इंडिया सिक्योरिटी प्रेस को दिया है। इसी ओर से टेंडर जारी किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी संबंधित लोगों को पूर्व में जारी पासपोर्ट के आधार पर ई-पासपोर्ट जारी करेगी। साथ ही आधार कार्ड के जरिये यह भी देख लेगी कि संबंधित व्यक्ति के कितने खाते हैं और कितना बकाया है? कहीं डिफाल्टर तो नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति कर्ज लेकर भागना चाहेगा तो वह एयरपोर्ट पर ही जांच के दौरान पकड़ा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि इस डाटा के साथ कोई भी व्यक्ति फीड करने के बाद छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा। मालूम हो कि ई पासपोर्ट एक पर्स में ही आ जाएगा। यह एक चिप के रूप में जारी होगा। पासपोर्ट धारक अपनी जानकारी मोबाइल में भी सेव कर सकेंगे।
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