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पत्नियों ने पासपोर्ट रद्द कराए तो विदेश से दौड़े चले आए पति
- देशभर से 20 एनआरआई दूल्हे पहुंचे हैं वापस अपने देश
- कुछ ने पत्नियों को अपनाने के लिए भरी हामी तो कुछ ने केस लड़ना स्वीकारा
- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व हिमाचल के भी 6 दूल्हे लौटे
सुशील कुमार
चंडीगढ़। देशभर की 40 हजार महिलाओं ने पतियों के खिलाफ मोर्चा खोला तो उसकी धमक विदेशों तक जा पहुंची। कार्रवाई के डर से एनआरआई पति विदेश से भारत लौटने लगे हैं। ऐसे 20 एनआरआई दूल्हे इंडिया पहुंचे हैं। इसमें कुछ ने पत्नियों के साथ जिंदगी बिताने का निर्णय लिया है तो कुछ ने उन पर चल रहे केस को लड़ना स्वीकारा है। इनमें हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश से जुड़े छह एनआरआई दूल्हे यहां पहुंच गए हैं।
सितंबर 2018 में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हैदराबाद, चेन्नई समेत कई क्षेत्रों की 40 हजार महिलाएं एनआरआई पतियों से पीड़ित थीं। वह शादी करने के बाद विदेश चले गए। तमाम प्रयास के बाद भी वापस नहीं लौटे। इन्हीं महिलाओं में हिमाचल प्रदेश की ऋतु शर्मा, चंडीगढ़ की अमृतपाल, दिल्ली की समायरा, संतोष, रागिनी, उत्तर प्रदेश के बरेली की हरप्रीत कौर, लखनऊ की जूबी, पुणे की सुमेरा आदि ने सोशल मीडिया को हथियार बनाया। टुगेदर वी कैन, एनआरआई फ्रॉड मैरिज विक्टिम, हैश टू मीटू आदि के नाम से सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई गई। इसके साथ ही चंडीगढ़ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आकर 72 से अधिक एनआरआई के पासपोर्ट रद्द कराए। जैसे ही कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई, आस्ट्रेलिया सहित अन्य जगहों पर रह रहे पतियों ने कारोबार या अन्य कार्यों से दूसरे देशों में जाने को उड़ान भरने की सोची तो वहां पासपोर्ट चेक किया गया, जो कि रद्द पाए गए और वहां पुलिस ने इनको इंडिया भेजना शुरू कर दिया। वहां से रिपोर्ट इंडिया भी पहुंची तो उन्हें यहां गिरफ्तार भी किया गया। कुछ एनआरआई जेल में हैं तो कुछ बेल पर बाहर आ गए हैं। कुछ पत्नियों के साथ रहने को तैयार हैं तो कुछ नहीं।
इनसेट---
सरकार से नहीं मिली मदद
केंद्र सरकार से इन महिलाओं ने गुहार लगाई, लेकिन कोई कदम सरकार ने नहीं उठाया। पुलिस से भी इन महिलाओं ने मदद चाही, वह भी नहीं मिली। उसके बाद यह खुद ही अपनी लड़ाई लड़ रही हैं।
केस स्टडी
- लुधियाना की पलविंदर कौर से शादी करने के बाद हरियाणा के सांकड़ा गांव निवासी पति छिंदर सिंह बहरीन चला गया और वहां से नहीं आया। पासपोर्ट रद्द हुआ तो बहरीन की पुलिस ने डिपोर्ट करके उन्हें वापस भेज दिया। 25 दिसंबर को वह यहां पहुंचा।
- पटियाला के समाना निवासी प्रीतपाल की शादी कुरुक्षेत्र के गुरमीत सिंह से हुई थी। उनका पति उसके बाद जर्मनी चला गया। प्रीतपाल के छह साल का बेटा भी है, लेकिन पति जर्मनी से वापस नहीं आ रहा था। वापस आते समय पुलिस ने एयरपोर्ट पर पकड़ा। अब वह बेल पर बाहर आया है।
- पंजाब के मोहाली निवासी मनप्रीत कौर की शादी गुरप्रीत से हुई थी। उनका पति भी शादी के बाद कनाड़ा चला गया था। पासपोर्ट रद्द होने के बाद उन्हेें विदेश लौटना पड़ा।
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ की संगीता की शादी मुरादाबाद के ओम शर्मा से हुई थी। शादी के एक माह बाद ही आस्ट्रेलिया चला गया। पासपोर्ट रद्द होने के बाद वापस आया और पत्नी के साथ रहने को तैयार है।
- दिल्ली के राजौरी गार्डन की हेमा ग्रोवर की शादी दिल्ली के सिद्धांत के साथ हुई थी। वह यूएसए चला गया। वह भी अब वापस लौटा है और पत्नी को अमेरिका ले जाने के लिए राजी है।
वर्जन---
कुछ एनआरआई पति इंडिया लौटे हैं। इसमें कुछ जेल में हैं तो कुछ बेल पर बाहर आए हैं। कुछ पति अपनी पत्नियों के साथ रहने को भी तैयार हैं। पासपोर्ट लगातार महिलाओं द्वारा रद्द करवाए जा रहे हैं। जल्द ही कुछ विदेशी एनजीओ भी इंडिया आ रहे हैं, जो वहां की सरकारों पर दबाव बनाएंगे।
--- ऋतु शर्मा, अध्यक्ष, टुगेदर वी कैन
वर्जन---
एनआरआई पतियों का देश लौटना शुरू हो गया है। पीड़ित महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है। यह एक बीमारी का रूप लेती जा रही है। सरकार को इस दिशा में जल्द ही एक्ट बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही ऐसे एनआरआई पतियों को वापस बुलाना चाहिए।
--- अमृत पाल, सदस्य, टुगेदर वी कैन