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मौलिक शिक्षा निदेशालय में प्राइवेट स्कूल विंग सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी

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प्राइवेट स्कूल विंग के सुपरिंटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी
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- 31 दिसंबर तक आरटीआई का जवाब देने के आदेश
- दो फरवरी 2019 को एसपीआईओ को भी तलब किया गया

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। राज्य सूचना आयुक्त ने मौलिक शिक्षा निदेशालय की प्राइवेट स्कूल विंग में तैनात सुपरिंटेंडेंट को समय पर सूचना न देने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयुक्त ने कड़ी फटकार लगाते हुए दो मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सूचना आयुक्त ने आरटीआई कार्यकर्ता को 31 दिसंबर तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं और दो फरवरी 2019 को एसपीआईओ को भी तलब किया गया है। इतना ही नहीं मौलिक शिक्षा निदेशालय के सुपरिंटेंडेंट को समय पर जवाब नहीं देने पर राज्य सूचना आयुक्त की ओर से 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लग सकता है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने 6 फरवरी 2018 को मौलिक शिक्षा निदेशालय में एक आरटीआई लगाकर प्रदेशभर के निजी स्कूलों द्वारा फार्म नम्बर 6 भरे व नहीं भरे जाने से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थीं। इस पर निर्धारित अवधि के दौरान भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष अपील की गई। इसी मामले में दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में राज्य सूचना आयोग ने पहली सुनवाई में ही मौलिक शिक्षा निदेशालय की प्राइवेट स्कूल विंग के सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। वहीं दूसरे मामले में राज्य सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्माणी ने मौलिक शिक्षा निदेशालय के एसपीआईओ अशोक कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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दूसरे मामले में भी स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने प्रदेश भर के निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत दाखिला संबंधी सूचनाएं मांगी गई थी। इस सूचना को भी मौलिक शिक्षा निदेशालय ने उपलब्ध नहीं कराया था। इस मामले में सूचना आयुक्त ने 3 दिसंबर को मौलिक शिक्षा निदेशालय के प्राइवेट स्कूल विंग सुपरिंटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 31 दिसंबर तक मांगी गई। जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता को हर हाल में उपलब्ध कराए जाने के साथ-साथ आगामी 02 फरवरी को तलब भी किया है।
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15 जनवरी के बाद 50 हजार का लग सकता है जुर्माना: बृजपाल परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार व प्रदेश संगठन मंत्री भारत भूषण बंसल ने बताया कि मौलिक शिक्षा निदेशालय की प्राइवेट स्कूल विंग के सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को राज्य सूचना आयुक्त ने 15 जनवरी 2019 तक कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के भी आदेश दिए हैं। इसी के साथ आरटीआई एक्ट के सेक्शन 20(1) के तहत 250 रुपये प्रतिदिन या फिर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की भी कड़ी चेतावनी दी है। इस तरह से अशोक पर दोनों ही मामलों में सूचनाएं नहीं देने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी मिली है।
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