25 दिन से नाबालिग गायब, पुलिस बरत रही लापरवाही
- लड़की के पैरेट्स थाने के चक्कर लगाने को मजबूर
- मामले का जांच अधिकारी को विजिलेंस ने पकड़ा, फाइल अलमारी में
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
गांव मानक माजरा में 14 वर्षीय लड़की 25 दिन से लापता है। सोहाना थाने में केस दर्ज होने के बाद लड़की की कोई सुराग नहीं लग पाया है। वहीं, जानकारों की माने तो इस केस के जांच अधिकारी को विजिलेंस ने रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से मामला अधर में लटका हुआ है। लड़की के परिजन थाने के चक्कर लगा रहा हैं। नाबालिग की मां ने बताया कि 25 दिन पहले वह किसी काम से बाहर गई थी, जबकि घर में उसकी बहू और 14 वर्षीय बेटी थी। उसकी बेटी पड़ोस में ही एक महिला के पास सूट सिलवाने के लिए देने की बात कहकर गई थी। जब शाम तक वह नहीं लौटी तो उन्होंने उसकी छानबीन की। पूछने पता चला कि लड़की सूट सिलवाले हीं नहीं गई। इसके बाद उसके पति ने सोहाना थाना में शिकायत दी। मगर जब वह फिर थाने में बेटी के बारे में पता करने गए तो उनकी शिकायत नहीं ली। इसके बाद उसके बेटे ने दूसरी शिकायत अपने नाम से दी। लड़की की मां ने कहा कि करीब महीना बीतने को है मगर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
पड़ोस का लड़का भगा ले गया
लड़की की मां ने बताया कि जब पड़ोस में बात फैली तो उन्हें पता चला कि उनके पड़ोस का एक लड़का भी कुछ दिन से गायब है। जब उसके परिजनों से पता किया तो पता चला कि वह उसी दिन से गायब है, जिस दिन उसकी बेटी लापता हुई थी। उन्होंने इस बारे में भी पुलिस को बता दिया है। इस संबंध में जब सोहाना थाने में संपर्क किया गया तो पता चला कि मामले के जांच अधिकारी को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस केस की फाइल उनकी अलमारी में पड़ी हुई है। अभी जांच दूसरे अधिकारी को देनी है। डीएसपी रमनदीप सिंह ने कहा कि एएसआई बूटा सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके पास जितने भी केस की जांच थी। उसे अन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है।