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अब मलबे से बनेगी टाइल्स और पेवर ब्लाक

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अब मलबे से बनेगी टाइल्स और पेवर ब्लाक
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राजेश ढल्ल
चंडीगढ़।
अब आपके घर और इमारत के निर्माण के समय निकलने वाला मलबा भी शहर के विकास में काम आएगा। इस मलबे से पीसीसी टाइल्स और पेवर ब्लाक का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम ने शहर के मलबे को प्रोसेस करने के लिए एक विशेष प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए नगर निगम ने एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट निकाला है। इच्छुक कंपनियां प्लांट लगाने के लिए आवेदन कर सकती है।
नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग के अनुसार मलबे को प्रोसेस करने के बाद जो माल बनता है उसका प्रयोग सड़कों की कारपेटिंग में भी किया जा सकता है। इसके अलावा ईंटों के निर्माण में भी इसका प्रयोग एक सामग्री के तौर पर किया जा सकता है। मालूम हो कि इस समय शहर में निकलने वाले मलबे से पूर शहर परेशान है। लोग घरों के निर्माण और रेनावेशन से निकलने वाले मलबे को शहर में कहीं पर भी फेंक देते हैं जबकि नगर निगम ने मलबा गिराने के लिए साइट्स भी तय की है। इसके साथ ही दो साल पहले यह भी तय किया था कि मलबा उठाने के लिए एक टोल फ्री नंबर और अलग से वाहन तय किया जाएगा जिसका कारण सिर्फ मलबा उठाने का ही होगा। लेकिन यह सभी योजनाएं अधिकारी लागू ही नहीं कर पाए। इस समय नगर निगम के पास मलबे से निपटने के लिए शहर में कोई व्यवस्था नहीं है।
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100 से 120 टन मलबा प्रोसेस करने का लगेगा प्लांट
नगर निगम के अनुसार शहर में ऐसा प्लांट लगाया जाएगा जो कि प्रतिदिन 100 से 120 टन मलबा प्रोसेस कर पाए। यह पीपीपी माडल पर लगाया जाएगा। नगर निगम ने जो एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट निकाला है, उसके अनुसार कंपनी को प्लांट 20 साल चलाने के लिए दिया जाएगा। सिर्फ वही कंपनियां प्लांट लगाने के लिए आवेदन कर सकती है जिसका साल का टर्न ओवर 31 मार्च 2017 तक 15 करोड़ हो।
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कोट
प्लांट लगने से शहर में मलबा एक परेशानी बना हुआ है वह दूर हो जाएगी। जबकि मलबे को प्रोसेस करने के बाद इसका प्रयोग पीसीसी टाइल्स, ईट और सड़क की कारपेटिंग में भी काम आएगा।
एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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