करीब एक घंटे बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, अव्यवस्था पर लोगों ने जताई नाराजगी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-5 के हाई-5 मॉल की दूसरी मंजिल पर शुक्रवार को करीब 18 लोग एक घंटे लिफ्ट में फंस गए। धीरे-धीरे खिसकती लिफ्ट जब अचानक रुकी और पांच मिनट तक नहीं खुली तो लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को जानकारी दी। यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2.20 बजे की है। लिफ्ट में तीन बच्चों समेत 18 लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग के मुलाजिम मौके पर पहुंचे। सभी लिफ्ट को बेसमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर उतारने की कोशिश में जुट गए। इस बीच गर्मी के चलते लिफ्ट के अंदर बंद बुजुर्ग महिला और बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा। बच्चे और बुजुर्ग महिला की हालत बिगड़ते देख लिफ्ट के अंदर मौजूद दूसरे लोग भी घबरा गए। दमकल विभाग के मुलाजिमों ने लोगों को बाहर से समझाया, लेकिन 45 मिनट तक लिफ्ट में फंसने के बाद लोगों की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। इधर दमकल विभाग और पुलिस की कोशिश लगातार जारी थी। लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर आते-आते फंस गई। इसके बाद एक मुलाजिम लिफ्ट के ऊपर चढ़ा और बेसमेंट के ग्राउंड फ्लोर तक धीरे-धीरे किसी तरह लिफ्ट को नीचे लेकर जाने की कोशिश करने लगा। बड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट को नीचे लाया गया। लिफ्ट का मुख्य द्वार खोलकर लोगों को इमरजेंसी गेट से बाहर निकाला गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
अचानक लिफ्ट नीचे गिरी और लोग घबरा गए
सेक्टर-21 निवासी मनीष और उनकी पत्नी दीप्ति ने बताया कि 11.40 का जट एंड जूलियट फिल्म देखकर करीब 2.15 बजे सभी बाहर निकले। भीड़ ज्यादा थी, कुछ लोग सीढि़यों से उतरे। कुछ सेकंड फ्लोर के लिफ्ट पर करीब 2.18 बजे सवार हो गए। इतने में सात-आठ लोग और लिफ्ट के अंदर दाखिल हो गए। इस बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि लिफ्ट ओवरलोड हो गई है। लिफ्ट का अलार्म भी नहीं बजा। लिफ्ट का दरवाजा बंद हुआ और लिफ्ट धीरे-धीरे नीचे खिसकने लगी। नीचे आते समय पहली और दूसरी मंजिल के बीच लिफ्ट रुक गई। लोगों को अचानक झटका लगा। लोग घबरा गए। इतने में लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों ने डायल 112 और दमकल विभाग को सूचना दे दी। टीम के पहुंचने के पहले दोबारा लिफ्ट खिसकी और ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट के बीच आकर रुक गई। तब तक दमकल विभाग और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने आवाज दी और लिफ्ट से बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। इतने में लिफ्ट अचानक तेजी से नीचे जाने लगी और बेसमेंट में धड़ाम से लिफ्ट का निचला हिस्सा लगा। झटका काफी तेज था, इसलिए लिफ्ट के अंदर लगा एलईडी का डिस्प्ले बाहर निकल गया। सब लोग डर गए। धरातल पर आने के करीब 10 मिनट बाद लिफ्ट का द्वार खोलकर हम लोगों को बाहर निकाला गया।
लिफ्ट में नहीं था कोई ऑपरेटर, स्वयं पुलिस को किया फोन
लिफ्ट में फंसी मधु शर्मा ने बताया कि इतना बड़ा मॉल है। रोजाना यहां सैकड़ों लोग फिल्म देखने आते हैं। उसके बाद भी लिफ्ट के अंदर न तो अलार्म की सुविधा है, न ही किसी ऑपरेटर की तैनाती की गई है। लिफ्ट भी पुरानी है। इतनी देर तक हम लोग लिफ्ट में फंसे रहे। अगर किसी की जान पर बन आती तो उसका जिम्मेदार कौन होता। हर लिफ्ट के अंदर ऑपरेटर की तैनाती होनी चाहिए। गनीमत रही कि हम लोगों ने दमकल विभाग और डायल 112 को पहले ही सूचित कर दिया था। नहीं तो बड़ा हादसा होना तय था। पंजाब के मानसा से आए बुजुर्ग महिला की तबीयत भी खराब होने लगी थी। उनको लिफ्ट खुलने के बाद इमरजेंसी गेट से दो तीन लोग बेसमेंट से ऊपर ग्राउंड फ्लोर तक लेकर आए और उनको बैठाकर पानी पिलाया।
क्या-क्या रहीं खामियां
- लिफ्ट के अंदर एक भी ऑपरेटर नहीं था
- ओवरलोड होने के बाद भी लिफ्ट का अलार्म नहीं बजा
- लिफ्ट पुरानी होने के चलते अंदर लिखे चेतावनी के संदेश धुंधले हो गए थे, लोग पढ़ नहीं पाए
- लिफ्ट बंद होने के बाद मॉल के मुलाजिमों ने फूर्ति नहीं दिखाई, इसलिए लोग ज्यादा देर तक लिफ्ट में फंस रहे
- लिफ्ट खोलने की मॉल के अंदर कोई व्यवस्था नहीं थी
सेक्टर-5 के हाई-5 मॉल में फंसने की सूचना मिलते ही पांच मुलाजिमों को लेकर गाड़ी के साथ मौके पर पहुंच गया। ओवरलोड के चलते लिफ्ट फंस गई थी। मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला गया। लिफ्ट के अंदर एक भी ऑपरेटर नहीं था। लिफ्ट भी पुरानी हो चुकी है। इससे पहले भी एक बार लोगों को शीशा तोड़कर बाहर निकाला गया था। -नरेंद्र सिंह, मुख्य फायर मैन, दमकल विभाग पंचकूला।