आर्टिफिशल इंटेलीजेंस भविष्य, बच्चों को स्कूलों में ही दी जाए जानकारी : डॉ. मधुकर
- पीयू में आयोजित ‘उद्यमी’ में आईबीएम के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. मनी मधुकर ने की शिरकत
- स्टूडेंट्स को एंटरप्रिन्योरशिप के दिए टिप्स, आज आखिरी दिन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूआईईटी डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित दो दिवसीय एंटरप्रिन्योरशिप कार्यक्रम ‘उद्यमी’ का शुभारंभ शनिवार को पीयू के इंग्लिश ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पीयू के रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह और सीनियर रिसर्च एडवाइजर प्रो. राकेश तुली ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न टॉक सेशन के अलावा वर्तमान में एंटरप्रिन्योरशिप की चुनौतियों पर पैनल डिस्कशन किया गया।
करीब 200 नवोदित उद्यमियों की मौजूदगी में आईबीएम के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. मनी मधुकर ने आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (एआई) पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि अमेरिका में कालेज के ज्यादातर डिपार्टमेंट्स में आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस द्वारा पढ़ाया जा रहा है। भारत में एआई को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों से ही बच्चों को शिक्षा देनी होगी। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिका में स्कूली स्तर पर ही एआई की जानकारी दी जाती है। उन्होंने भारत सरकार से भी अपील की कि देश को डिजिटल करने से पहले डिजिटलाइजेशन की शिक्षा, स्कूल से ही शुरू करनी चाहिए।
इस मौके पर डॉ. मनी मधुकर ने आईबीएम की तरफ से एंटरप्रिन्योरशिप के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। यदि किसी का एंटरप्रिन्योरशिप का प्रोजेक्ट बेहतर है तो उसे फंडिंग की जाती है जो एक से दस हजार डॉलर तक दिए जाते हैं। ऐसे में एक उद्यमी खुद का उद्योग आराम से स्थापित कर सकता है। इस मौके पर पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया। जिसमें चंडीगढ़ एंजल्स नेटवर्क के डायरेक्टर विनीत खुराना, गारमेजार के फाउंडर ऋषभ सहित विभिन्न एंटरप्रिन्योर होल्डर मौजूद रहे। जिन्होंने स्टूडेंट्स को एंटरप्रिन्योरशिप के विभिन्न टिप्स दिए। रविवार को कार्यक्रम का आखिरी दिन होगा, जिसमें ट्राईसिटी के विभिन्न युवाओं द्वारा अपने स्टार्टअप आईडिया को शेयर किया जाएगा।