शहर में कामर्शियल प्रॉपर्टी को नहीं मिले खरीदार
10 रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की हुई नीलामी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तमाम प्रयासों के बाद चंडीगढ़ प्रशासन अपनी विभिन्न 24 प्रॉपर्टी में से 10 रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की ऑक्शन करने में तो सफल रहा है, लेकिन वह 13 कामर्शियल प्रॉपर्टी में से सिर्फ 1 की ही ऑक्शन कर पाया है। प्रशासन ने 10 साल बाद इसमें कामर्शियल, रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के ई ऑक्शन कराने का निर्णय लिया था। सूत्रों की मानें तो ई ऑक्शन की प्राथमिक कीमत अधिक होने के चलते चंडीगढ़ प्रशासन को खास रिस्पांस नहीं मिल पाया है।
असिस्टेंट एस्टेट अफसर मनीष कुमार लोहान ने बताया कि रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की ऑक्शन से उन्हें अच्छा रिस्पांस मिला है। लेकिन कामर्शियल प्रॉपर्टी लीज होल्ड बेस पर थी इसलिए वह केवल एक ही प्रॉपर्टी की ऑक्शन करने में सफल रहे। ऑक्शन के लिए उनके पास और भी प्रॉपर्टी हैं, जिसे मिलाकर वे बाकी बची प्रॉपर्टी को जल्द ही दोबारा ऑक्शन के लिए रखेंगे।
यहां पर नीलाम हुई प्रॉपर्टी
सेक्टर-38 में पांच मरला प्लॉट 89.26 लाख रुपये रिजर्व प्राइज के मुकाबले 1.91 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। सेक्टर-40बी का एक कनाल का रेजिडेंशियल प्लॉट 4.55 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। इसका रिजर्व प्राइज 3.71 करोड़ था। सेक्टर-40 का 10 मरले का प्लॉट 1.78 करोड़ रिजर्व प्राइज के मुकाबले 3.07 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। वहीं सेक्टर-40बी का एक अन्य प्लॉट 2.95 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। सेक्टर-37 में एक 14 मरले का प्लॉट 3.88 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। इसका रिजर्व प्राइज 2.51 करोड़ रुपये था। इसी तरह सेक्टर-37 का 10 मरला 1.86 करोड़ रुपये रिजर्व प्राइज के मुकाबले 3.11 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। इसी तरह कामर्शियल प्रॉपर्टी में यूटी केवल सेक्टर-44 का एक बूथ ही नीलाम करने में असफल रहा, जिसका रिजर्व प्राइज 61 लाख रुपये था।
ऐसे शुरू हुई थी ई ऑक्शन प्रक्रिया
ई-ऑक्शन के लिए 9 जनवरी से प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसमें 10 रेजिडेंशियल साइट्स को फ्री होल्ड बेसिस पर, 13 कामर्शियल साइट को लीज होल्ड बेसिस, 1 इंडस्ट्रियल साइट को लीज होल्ड बेसिस पर ऑक्शन के लिए रखा गया था। इनमें से अधिकतम प्रॉपर्टी सेक्टर-36, 42, 44, 39 और 40 में ही स्थित हैं।