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नड्डा ने पीजीआई के यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए

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जेपी नड्डा ने यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए
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पीजीआई की गवर्निंग बाडी की मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की
जेरिएट्रिक सेंटर को भी प्रिंसिपल मंजूरी, लेकिन बेड कम करने होंगे
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने यौन शोषण के आरोपी माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में कार्यरत प्रोफेसर विकास गौतम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित पीजीआई की गवर्निंग बाडी की मीटिंग की अध्यक्षता जगत प्रकाश नड्डा ने किया। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान आरोपी प्रोफेसर के केस पर भी चर्चा हुई। नड्डा ने पीजीआई अधिकारियों को नियमों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। प्रोफेसर के खिलाफ एक रिसर्च स्कालर ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पीजीआई की यौन शोषण कमेटी ने जांच की। कमेटी ने प्रोफेसर को दोषी माना और उस रिपोर्ट को गवर्निंग बाडी के एजेंडे में शामिल किया गया।

जेरिएिट्रक सेंटर को प्रिंसिपल मंजूरी, मगर बेड कम करने होंगे
पीजीआई के 250 बेड के जेरिएट्रिक सेंटर को प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट पीजीआई और चंडीगढ़ सहित आसपास के मरीजों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसमें एक छत के नीचे सीनियर सिटीजन को सभी मेडिकल सुविधाएं दी जाएंगी। अभी फिलहाल पीजीआई में ऐसी व्यवस्था नहीं है। जेरिएट्रिक सेंटर में सभी स्पेशलिस्ट डाक्टर होंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन केंद्र के अधिकारियों ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण राशि का एस्टीमेट काफी ज्यादा है। उसे थोड़ा कम करने की जरूरत है। पीजीआई इस बात के लिए राजी भी हो गया है। ऐसे में जेरिएट्रिक सेंटर के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। एम्स में भी जेरिएट्रिक सेंटर है, लेकिन उसके निर्माण में 250 करोड़ के आसपास खर्च हुए थे।
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प्लैजरिज्म पर दोषी पाए जाने पर रिसर्च कार्य करने पर लगेगी रोक
गवर्निंग बाडी की मीटिंग में प्लैजरिज्म (रिसर्च डाटा कापी करना) के मुद्दे पर चर्चा की गई। तय किया गया कि यदि कोई इसमें दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ अब अकादमिक दंड लगाया जाएगा। उसे रिसर्च करने पर रोक लगाई जा सकती है। पहले इस बारे में गाइड लाइंस नहीं थी, लेकिन अब इसके प्रावधान तय कर दिए गए हैं। यदि किसी प्रोफेसर पर प्लैजरिज्म के गंभीर आरोप लगे तो उसमें डाक्टर को निलंबित किया जा सकता है। किसको रिसर्च करने से रोका जाएगा और किसे निलंबित किया जा सकता है, यह सब डाक्टर या रिसर्च स्कालर के आरोप के आधार पर तय होगा। इसके अतिरिक्त 12 डाक्टरों और एम्स रायबरेली के लिए चार डाक्टरों की नियुक्ति की मंजूरी दे दी है।
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