रैनसमवेयर का दूसरा वायरस पेट्या, वाना क्राई से 6 गुना ज्यादा ताकतवर
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़।
रैनसमवेयर वायरस के सेकेंड वर्जन अटैक से बाहरी देश सहित भारत का उद्योग जगत खुद को महफूज नहीं महसूस कर रहा है। करीब 2 माह पहले हुए पहले वर्जन क्राइसिस अटैक से दूसरा वर्जन पेट्या छह गुना ज्यादा ताकतवर है। साइबर जानकारों की मानें तो अब तक कोई भी देश हाईटेक टूल्स होने के बावजूद इस वायरस का काट नहीं ढूंढ पाया है। इस वायरस की चपेट में आने के बाद कंप्यूटर से डाटा रिकवर में नियम के तहत 54 साल लग जाएंगे।
ऐसे होता है हैक, ऐसे करें बचाव
साइबर एक्सपर्ट प्रवीण कुमार ने बताया कि तीन ऐसे कारण है, जिनमें गलतियों के कारण आपका डाटा रैनसमवेयर वायरस की चपेट में आसानी से आ सकता है। इनका पालन करके अपने डाटा को किसी भी वायरस से सुरक्षित कर सकते है।
पायरेटेड विंडो (डुप्लीकेट विंडो वर्जन का इस्तेमाल)
एक्सपर्ट के अनुसार भारत में ज्यादातर लोग पॉयरेटेड विंडो का इस्तेमाल करते हैं।
ओरिजनल एंटी वायरस का इस्तेमाल कर सकता है बचाव।
इनसिक्योर फाइल खोलने पर आसानी से डाटा हैक हो सकता है। इसलिए, हमेशा फाइल सिक्योर करने के बाद ही खोलें।
हैकर बिटकॉइन में मांगते है फिरौती
हैकर डाटा हैक करने के बाद बिटकॉइन में फिरौती मांगते है। एक बिटकॉइन की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये होती है। इस दौरान फिरौती देने की आखिरी तारीख आपके कंप्यूटर की स्क्रीन पर होगा।
यह है बिटकॉइन भुगतान का तरीका-
प्रवीण कुमार ने बताया कि बिटकॉइन इंटरनेट पर जाकर भारतीय करेंसी में खरीदी जाती है। बिटकॉइन के रूप में आपको एक लिंक मिलता है। उस लिंक को आप हैकर को देंगे। हैकर उस लिंक को लेकर अपने बिटकॉइन अकाउंट में कैश करने के बाद आपका डाटा खोल देगा।
पहला वर्जन ने किया था मनीमाजरा में अटैक
26 अगस्त 2016 को अज्ञात हैकर ने मनीमाजरा में प्लाई व क्रॉकरी का बिजनेस करने वाले व्यापारी अमित जैन का डाटा हैक करके फाइलें लॉक कर दी थीं। उन्होंने बताया कि आईटी एक्सपर्ट द्वारा कंप्यूटर की जांच में सामने आया कि रैनसमवेयर, वाना क्राई शब्द के एक मेल आईडी से आई थी।
कोट...
दुनिया के विभिन्न देशों में रैनसमवेयर वायरस-2 वर्जन पेट्या अटैक के बाद साइबर जानकारों से सलाह लेकर सभी इंडस्ट्रियलिस्ट बचाव के तरीके अपनाए जा रहे है।
रमेश अग्रवाल, उद्यमी
कोट्स..
रैनसमवेयर-2 पहले वर्जन वाना क्राई से 6 गुना ताकतवर है और इसको अभी तक किसी भी देश में खोला नहीं जा सका है। इसको हाईटेक टूल्स से एक्सपर्ट को खोलने में भी 54 साल लग सकते हैं। इसमें पहला बचाव ही आपके डाटा की सुरक्षा है।
प्रवीण कुमार, साइबर एक्सपर्ट
एक्सपर्ट को खामी मिल भी गई तो नियम से डाटा खोलने में लगेंगे 54 साल
भारत समेत दुनियाभर में साइबर अटैक, बिटकॉइन में मांग रहे फिरौती