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नीलगाय के डर से पूरी रात जागकर काटते हैं खुडडा लहौरा के किसान

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नीलगाय ने छीनी खुड्डा लाहौरा के किसानों की नींद
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
गांव खुड्डा लाहौरा में नीलगाय ने किसानों की नींद छीन ली है। रातभर जागकर किसान अपनी फसल की राखी कर रहे हैं। यहां के बाशिंदों का कहना है कि नीलगाय और अन्य जंगली जानवर फसल को बर्बाद कर रहे हैं। वर्ष 2005 में यहां के किसानों से 230 एकड़ जमीन प्रशासन ने एक्वायर की थी। इस जमीन पर जंगल बन गया है। इसमें गांव के लोगों ने बाड़ लगाने की मांग की है। गांव में अभी 450 एकड़ जमीन पर खेती की जाती है।
ये भी समस्याएं
गांव के लोग और भी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। सीवर की पुरानी लाइन से सीवर जाम की समस्या और बिजली के पुराने केबल भी परेशान कर रहे हैं। कम्युनिटी सेंटर न होने से गांव के लोगों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ता है। खेल का मैदान न होने से गांव के बच्चों को खेल की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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सिंचाई की भी नहीं समुचित व्यवस्था
गांव के सरपंच राकेश शर्मा का कहना है कि कम्युनिटी सेंटर न होने से लोगों को काफी परेशानी होती है, जबकि प्रशासन ने गांव के किसानों से जमीन अधिग्रहण किया है। गावंवासी प्रीत पाल सिंह का कहना है कि खेती के लिए गांव के लोगों के पास ट्यूबवेल की समुचित व्यवस्था नहीं है। कम से कम चार ट्यूबवेल और लगाए जाने चाहिए। पानी का प्रेशर कम होने से सिंचाई में दिक्कत होती है। संजीव अत्री का कहना है कि गांव की स्ट्रीट लाइटों को शहर की तर्ज पर एलईडी में बदला जाए। दलबीर सिंह का कहना है कि बिजली के पुराने केबल को बदला जाना चाहिए। केबल 35 वर्ष पुराना है।

रात जागकर काटते हैं ताकि फसल का नुकसान न हो
गांव में 450 एकड़ भूमि पर करते हैं खेती
चंडीगढ़ प्रशासन की एक्वायर 230 एकड़ जमीन पर बना जंगल
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