चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने शेयरिंग बेस पर शहर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रशासन ने 40 बसें चलाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो यदि सब कुछ सही चला तो जुलाई तक सिटी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी।
जानकारी के मुताबिक शेयरिंग बेस इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए हाल ही में आधा दर्जन कंपनियों ने अपनी प्रजेंटेशन भी प्रशासन को दे दी है। चुनाव के बाद प्रशासन अपने इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करेगा।
लंबे समय से प्रशासन शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए प्रयासरत है। पहले प्रशासन ने 20 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए केंद्र को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। केंद्र ने इसे नकार दिया था। इसके बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के निर्देश पर प्रपोजल में कुछ सुधार करके फिर केंद्र को भेजा गया। इस बार भी केंद्र सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए फंड नहीं दिया गया।
प्रशासन नहीं खर्च करेगा रुपये
इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर प्रशासन अपनी इंवेस्टमेंट नहीं करेगा। ये बसें प्राइवेट कांट्रैक्ट पर प्रति किलोमीटर के हिसाब के खर्च पर प्रशासन लेगा। इसमें कंडक्टर प्रशासन की तरफ से होगा। इन बसों को खड़ा करने के लिए सीटीयू के डिपो पर जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
पहले भी हो चुका है ट्रायल
एक इलेक्ट्रिक बस की बैटरी फुल चार्ज होने के बाद करीब 200 किलोमीटर तक का एरिया कवर करती है। देश के अन्य शहरों की अपेक्षा चंडीगढ़ का एरिया कम होने के चलते यहां इलेक्ट्रिक बसें चलाना आसान है। हालांकि इससे पहले भी इलेक्ट्रिक बसों को लेकर ट्रायल हो चुका है।