पीजीआई में हार्न बजाने पर बीमार बच्ची के पिता का काटा चालान, हंगामा
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भड़के पीजीआई कर्मचारियों ने डायरेक्टर ऑफिस पर किया प्रदर्शन, शाम को एसएसपी ट्रैफिक संग हुई बैठक
कुछ दिनों के लिए पीजीआई के अंदर हेलमेट नहीं पहनने पर चालान की कार्रवाई पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई में हार्न बजाने पर एक मरीज का चालान काटने के बाद मंगलवार को हंगामा हो गया। ट्रैफिक पुलिस के रवैये के खिलाफ पीजीआई कर्मी डायरेक्टर दफ्तर के पास जमा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पीजीआई पुलिस चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मी पर पहुंच गए। पीजीआई कर्मियों का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस आए दिन संस्थान के अंदर खड़े होकर स्टाफ को तंग करते हैं। कभी बिना हेलमेट का चालान काट देते हैं तो कभी हार्न बजाने पर। उनका तर्क था कि किसी कर्मी को बाइक से एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में जाना हो और उसने हेलमेट न पहना हो, तब भी ट्रैफिक पुलिस पर उस पर कार्रवाई कर देती है। उनका यह भी तर्क था कि बेवजह हार्न बजाने पर चालान काटने का प्रावधान है, लेकिन यदि कोई सामने आ जाए और कर्मी एक बार हार्न बजा दे तो उसका भी चालान काट दिया जाता है।
शाम को पीजीआई ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन जसवीर सिंह व सीनियर वाइस प्रेेसिडेंट रोहित शर्मा पीड़ित कर्मचारियों को लेकर ट्रैफिक पुलिस एसएसपी शशांक आनंद के पास पहुंचे। पीड़ित पक्ष की बात सुनने के बाद एसएसपी ने फिलहाल पीजीआई के अंदर कुछ दिनों के लिए बिना हेलमेट बाइक सवारों के चालान काटने पर रोक लगा दी है। उनका कहना है कि स्थायी रोक नहीं है। इस बारे में पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। उसके बाद चालान की कार्रवाई की जाएगी। रही बात हार्न बजाने की तो उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यानी कि पीजीआई के अंदर बेवजह हार्न बजाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।
बीमार बच्ची की दुहाई देने पर भी नहीं माने ट्रैफिक पुलिसकर्मी
पीजीआई में करीब एक बजे एक व्यक्ति अपनी सात वर्षीय बच्ची को बाइक पर लेकर जा रहा था। डायरेक्टर आफिस के बाहर उसने हार्न बजा दिया। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस के कर्मियों ने उनकी बाइक रोक ली और हार्न बजाने पर चालान काट दिया। बच्ची के पिता ने ट्रैफिक पुलिस के सामने गुहार लगाई कि उसे इस बारे में पता नहीं था और वह अपनी बच्ची को दिखाने जा रहा है, लेकिन ट्रैफिक पुलिसकर्मी नहीं पिघले और चालान काटने पर अड़ गए। इस बीच वह गिड़गिड़ाने लगा और चिल्लाने लगा कि उसे जाने दें नहीं तो उसकी बच्ची मर जाएगी। इस दौरान पीजीआई के कर्मी पहुंच गए और उन्होंने मना किया, लेकिन फिर उसका चालान काट दिया गया।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के रवैये से पहले से नाराज थे कर्मी
पीजीआई के कर्मचारी इस बात से नाराज हैं कि उन्हें एक से दूसरी बिल्डिंग जाने पर उनके चालान काट दिए जाते हैं, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था। दूसरी तरफ संस्थान से बाइक चोरी की घटनाएं होती हैं तो उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है। पीजीआई कर्मियों ने बताया कि मदन मोहन ने बताया कि उनकी बाइक को चोरी हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन उस दिशा में कोई काम नहीं हुआ, उल्टा यहां पर चालान पर चालान काटे जा रहे हैं। पिछले तीन महीने के भीतर कई कर्मियों के चालान काटे जा चुके हैं। इस रवैये से कर्मी पहले से ही नाराज चल रहे थे।
अस्पतालों के पास या भीतर हार्न बजाने पर होती है कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने दो महीने पहले अस्पतालों व उसके आसपास के एरिए को नो हार्न जोन घोषित किया हुआ है। अस्पताल परिसर या उसके आसपास हार्न बजाने पर ट्रैफिक पुलिस वाहन चालक का चालान काटती है। नियम के उल्लंघन पर पहला चालान 300 रुपये है और दोबारा चालान पर एक हजार रुपए है।
कोट
कुछ दिनों के लिए पीजीआई के अंदर बिना हेलमेट पहनने पर चालान काटने पर कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। लोगों को पहले जागरूक करेेंगे। उसके बाद चालान काटे जाएंगे। हार्न बजाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।
-शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक पुलिस