बजट बैठक में नहीं आए अकाउंट ब्रांच के अधिकारी
कालिया ने बजट पर चर्चा के लिए बुलाई थी बैठक, पार्षदों से मांगना था बजट के लिए सुझाव
मेयर ने सांसद खेर और पार्टी के उच्च अधिकारियों से की शिकायत, कहा- एडवाइजर और गवर्नर से भी करेंगे शिकायत
मेयर और काउंसलर ने तीन बजे से साढ़े चार बजे तक किया इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मेयर राजेश कालिया के साथ पार्षदों की बजट पर बैठक थी लेकिन डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद भी अकाउंट ब्रांच के अधिकारी नहीं आए तो मेयर ने इसकी शिकायत सांसद किरण खेर और पार्टी के उच्च अधिकारियों से की है। कालिया ने कहा कि वे पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा से निगम अधिकारियों की शिकायत करेंगे।
मेयर राजेश कालिया ने बताया कि नगर निगम का बजट फरवरी में ही आना है, इसलिए पार्षदों के साथ इस पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी। पार्षदों से सुझाव लेकर बजट में उसे रखना था ताकि शहर के विकास में कोई बाधा न आए। शुक्रवार को वे दोपहर तीन बजे निगम कार्यालय की छठी मंजिल पर स्थित कांफ्रेंस रूप में पहुंचे थे, लेकिन अकाउंट ब्रांच के अधिकारी नहीं पहुंचे। उन्होंने कमिश्नर केके यादव को फोन किया कि 21 से भी अधिक पार्षद कांफ्रेंस रूम में बैठे हैं, लेकिन अकाउंट ब्रांच के अधिकारी नहीं आ रहे हैं। कमिश्नर ने कहा कि वे आ जाएंगे। अकाउंट ब्रांच के अधिकारी शाम साढ़े चार बजे पहुंचे तो मेयर और अन्य पार्षद उठकर जाने की तैयारी में थे। इसके बाद मेयर ने एडवाइजर मनोज परिदा को फोन किया लेकिन वे मीटिंग में व्यस्त थे। इसके बाद मेयर और अन्य पार्षद वहां से चले गए।
पार्षद अरुण सूद ने कहा कि बैठक में न आकर अधिकारी ठीक नहीं कर रहे हैं। यह सहन नहीं किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने बताया कि भाजपा पार्षद और मेयर के साथ ही निगम अधिकारी आपस में तालमेल बनाकर काम करें। यदि ऐसा नहीं होगा तो शहर के लोगों का नुकसान होगा।
डेढ़ घंटे तब आपस में बातें करते रहे पार्षद
बैठक में अधिकारियों का इंतजार हो रहा था और बीच बीच में पुरानी बातों पर चर्चा भी चल रही थी। हंसी भी हो रही थी और बीच-बीच में कांफ्रेंस रूम की दरवाजे की तरफ नजर भी जा रही थी कि अधिकारी आ रहे हैं या नहीं।
सेक्टर 52 में भी नहीं गए अधिकारी
सेक्टर 52 में मेयर का दौरा था। कालिया ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में पहले ही बता दिया था लेकिन जब वे शुक्रवार को सुबह सेक्टर 52 में दौरे पर पहुंचे तो वहां पर न तो चीफ इंजीनियर थे और न ही अन्य अधिकारी। इस संबंध में भी अधिकारियों की शिकायत होगी।
सदन की बैठक में बढ़ सकता है गतिरोध
नगर निगम की इसी महीने होने वाली सदन की बैठक में भाजपा पार्षदों और निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो सकती है। यह मामला भी उठ सकता है कि अधिकारी मेयर की बुलाई बैठक में क्यों शामिल नहीं हो रहे हैं।