कादर खान के डायलॉग्स में बसती थी कलाकारों की जान
-चंडीगढ़ के कलाकारों ने उनके डायलॉग, फिल्मों और एक्टिंग पर खुलकर बातें करते हुए दी उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फिल्म जगत के मशहूर अभिनेता, डायलॉग और स्क्रिप्ट राइटर कादर खान का सोमवार को 81 साल की उम्र में कनाडा में निधन हो गया। उनके निधन से सिटी ब्यूटीफुल के डायरेक्टर, कलाकारों को भी गहरा आघात लगा है। इन कलाकारों ने कादर खान के अभिनय के साथ उनके लिखे डायलॉगों को याद कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि कादर खान काफी समय से बीमार थे और वह चार महीने से अस्पताल में भर्ती थे। 22 अक्टूबर 1937 को कादर खान काबुल में एक भारतीय-कनाडाई परिवार में पैदा हुए थे। 1973 में उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म ‘दाग’ से करियर की शुरुआत की। 1970 और 80 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों के लिए कहानियां लिखीं। स्क्रिप्ट राइटिंग शुरू करने से पहले वे मुंबई के एमएच साबू सिद्दीकी इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के लेक्चरर थे। परिवार में उनकी पत्नी अजरा और दो बेटे सरफराज खान और शहनवाज खान हैं। करीब 300 फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके कादर खान ने 250 फिल्मों की स्क्रिप्ट भी लिखी हैं।
क्या कहते हैं सिटी ब्यूटीफुल के सितारे
हम जहां खड़े होते हैं लाइन वहीं से शुरू होती है...
फिल्म सूरमा की शूटिंग के दौरान मेरे साथ में खड़ा एक शख्स बार बार मेरी ओर देख रहा था। मैंने भी उसको देखा और पूछा आप... तो उन्होंने कहा मैं असिस्टेंट डायरेक्टर। मैंने कहा कि आप तो एकदम कादर खान की तरह लगते हैं। वो बोले, मैं उनका बेटा हूं..शह नवाज खान। जैसे पिता ठीक वैसा बेटा। यह कहना है फिल्म प्रोड्यूसर दर्शन औलख का। उन्होंने कहा कि मैं कभी कादर खान से तो नहीं मिला। हां, उनको उनके डायलॉग के माध्यम से ही पहचानता हूं। मेरा फेवरेट डायलाग है ‘दीनानाथ चौहान....नाम है मेरा से लेकर हम जहां खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है..। उनके निधन से बॉलीवुड को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
जिंदादिल इंसान थे कादर खान : लाली गिल
चंडीगढ़ के प्रोड्यूुसर लाली गिल ने कहा कि कादर खान एक जिंदादिल इंसान थे। वह एक मंझे हुए अभिनेता तो थे ही साथ में उनके लिखे डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कादर खान का डायलॉग ‘जिंदगी तो खुदा की रहमत है, जो नहीं समझा उसकी जिंदगी पे लानत’ मेरा फेवरेट है। उनके जाने से बॉलीवुड को काफी सदमा लगा है।
खास अंदाज से सभी का दिल जीता : कपिल कल्याण
फिल्म एक्टर कपिल कल्याण ने कहा कि डायलाग राइटिंग एक कला होती है, चंद शब्दों का चयन और वह भी वो शब्द जो कि दूसरों को याद रह जाएं वही डायलॉग होते हैं। कपिल कल्याण ने कहा कि उनको कादर खान के डायलॉग बेहतरीन लगते हैं। वास्तव में कादर खान की एक्टिंग भी काफी लोगों को खास भाती है, उनका खास अंदाज सभी का दिल जीत लेता है। उन्होंने कहा कि गोबिंदा, कादर खान और शक्ति कपूर की जोड़ी उन्हें सबसे अच्छी लगती है। जिन फिल्मों में इन कलाकारों ने जादू बिखेरा वह सुपरहिट साबित हुई हैं।
कादर खान के फिल्मों की बात ही अलग : मुकेश शर्मा
चंडीगढ़ के थिएटर आर्टिस्ट मुकेश शर्मा ने कहा कि बचपन से ही उनको फिल्में देखने का शौक था। उन्हें कादर खान की फिल्में काफी अच्छी लगती हैं। जिस भी मूवी में कादर खान होते थे वह उस फिल्म को जरूर देखते थे। उनका बोलने का अंदाज और एक्टिंग उनको खूब भाती थी। उन्होंने कहा कि जिस मूवी में कादर खान होेते थे उसकी बात ही अलग होती थी।