फुटपाथ से पार्किंग नहीं हटा सकते तो फुटपाथ ही हटा दो: हाईकोर्ट
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कहा- लोगों से कह दो कि उनके चलने के लिए शहर में स्थान नहीं है, एमसी कमिश्नर तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर पार्किंग को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यूटी पुलिस और प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि कहा कि फुटपाथ से पार्किंग को हटा नहीं सकते तो फुटपाथ ही हटा दो। लोगों को कह दो कि उनके चलने के लिए शहर में स्थान नहीं है। कोर्ट ने कहा कि किरण बेदी ने दिल्ली में बिना छोटा-बड़ा देखे धड़ल्ले से अवैध पार्किंग के चालान किए थे और अवैध पार्किंग पर लगाम लग गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि हमने यूटी पुलिस को नहीं रोका, चाहे कितने ही बड़े आदमी की गाड़ी फुटपाथ पर हो टो करके ले जाओ, कानून सबके लिए बराबर है।
इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि सरकारी वाहन भी फुटपाथ पर पार्क हो रहे हैं जो हरियाणा और पंजाब के बड़े अधिकारियों के हैं। कोर्ट ने कहा कि अवैध तरीके से पार्क होने वाले सभी वाहनों को टो करके ले जाओ। जब वाहन छुड़ाने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे तो लोगों को खुद सबक मिल जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि शहर की अंडरग्राउंड पार्किंग को चालू नहीं किया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने एमसी कमिश्नर को फटकार लगाते हुए कहा कि हमें पता है ऐसा सिर्फ पार्किंग कांट्रेक्टर को फायदा देने के लिए किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर एमसी कमिश्नर हाईकोर्ट में खुद हाजिर होकर इस बारे में जवाब दाखिल करें। इसी बीच कोर्ट ने कहा कि पार्किंग पॉलिसी सबसे जरूरी है और यह मामला पिछले नवंबर से डीसी के पास लंबित है। इस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर डीसी को हाईकोर्ट में हाजिर होकर इस बारे में कोर्ट को मदद करने को कहा है। कोर्ट को इस दौरान सुझाव दिया गया कि ब्लैक फिल्म को लेकर कोर्ट ने आदेश जारी किए थे और कहा था कि जो ब्लैक फिल्म लगाएगा उस पर अदालत के आदेश की अवमानना के तहत कार्रवाई होगी। इसके बाद दो दिन में पूरे देश में हालात बदल गए थे। कोर्ट को इस प्रकार का आदेश जारी करने का सुझाव भी दिया गया। कोर्ट ने कहा कि इस पर अगले शुक्रवार को सुनवाई करेंगे।
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पार्किं ग ठेकेदार के कर्मचारी ही करवाते हैं अवैध पार्किंग
हाईकोर्ट ने कहा कि पार्किंग फुल होने के बावजूद भी पार्किंग में वाहनों को ठूंसा जाता है और जब बिल्कुल जगह नहीं बचती तो ठेकेदार के लोग पार्किंग का पैसा लेकर वाहन फुटपाथ पर पार्क करवा देते हैं। कोर्ट ने कहा कि दो सप्ताह के भीतर यह स्थिति बदलनी चाहिए वरना ठेका लेने वाली कंपनी के एमडी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
लीगल फोरम के सामने उपलब्ध करवाया जाए वकीलों को पार्किंग स्पेस
हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि विभिन्न लीगल फोरम के सामने वकीलों को पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध करवाया जाए। कोर्ट ने लीगल फोरम को भी आदेश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि वकीलों को पार्किंग का स्पेस मिले जो संभव हो। ऐसा न होने पर उन्हें हाईकोर्ट के सामने इसके लिए जवाब देना होगा। जब सुप्रीम कोर्ट इस बारे में आदेश जारी कर चुका है तो इसका पालन जरूरी है।