पीयू के हास्टल में लगी आग, 50 मिनट तक अटकी रहीं छात्राओं की सांसें
- हास्टल नंबर तीन में शार्ट सर्किट के कारण हुई घटना से मची अफरातफरी
- बदहवास छात्राओं ने कमरों से बाहर भागकर बचाई जान
- आग पर काबू पाने में अग्निशमन दस्ते को लग गए एक घंटे
- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वीसी सहित अन्य आला अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी के सरोजनी नायडू गर्ल्स हास्टल नंबर तीन में शनिवार को दिन में करीब 2.30 बजे आग लग गई। अचानक शार्ट सर्किट के कारण हुई इस घटना से उसमें रहने वाली छात्राओं के बीच अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। बदहवास हालत में छात्राओं से किसी प्रकार भागकर जान बचाई। कुछ ही देर में घटना स्थल पर पहुंचे अग्निशमन दस्ते को आग पर काबू पाने में एक घंटे लग गए। इस दौरान तकरीबन 50 मिनट तक छात्राओं की सांसें अटकी रहीं। उधर, सूचना मिलते ही मौके पर गए वीसी सहित पीयू के अन्य आला अधिकारियों ने घबराई छात्राओं को समझाबुझाकर उनका डर दूर किया।
अग्निशमन दस्ते में शामिल जवानों ने बताया कि आग हॉस्टल के कमरा नंबर -34 में लगी थी। इस रूम में रहने वाली मणिपुर निवासी छात्राएं रिया और उसकी रूम मेट उजई ने बताया कि शनिवार को उजई किसी जरूरी काम से बाहर गई थी। वहीं रिया कमरे से बाहर धूप में बैठी थी। दोपहर में तकरीब 2.30 बजे अचानक उनके कमरे से धुआं उठने लगा। इस पर वहां मौजूद स्टूडेंट्स ने शोर मचाया शुरू कर दिया। उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी। सूचना पर पीयू के वीसी अरूण ग्रोवर और रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्डा सहित कई सीनेटर भी मौके पर पहुंच गए।
यह हुआ नुकसान
आग लगने के कारण हास्टल नंबर तीन के कमरा नंबर -34 में रखा बेड, लैपटॉप, किताबें, आई कार्ड व छात्राओं के अन्य जरूरी कागजात जलकर राख हो गए। गनीमत रही कि इस आगजनी मेें उनकी मार्कशीट बच गई। गौरतलब है कि बीते 8 अक्तूबर को भी हॉस्टल नंबर 6 के ब्लॉक डी में आग लगने की घटना हुई थी। तब धुआं भर जाने के कारण छात्रों को जान जोखिम में डालकर हॉस्टल की सीढ़ियों से नीचे उतरना पड़ा था।