चंडीगढ़। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने वीरवार को सेवा का अधिकार (आरटीएस) आयोग के आयुक्त केके जिंदल और कार्मिक विभाग के सचिव एसएस गिल के साथ बैठक की। बैठक में सलाहकार ने निर्देश दिए कि सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत लोगोें को सभी सेवाएं पारदर्शी तरीके से व समय पर प्रदान की जानी चाहिए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान तीन नए विभागों की 11 सेवाओं सहित 16 नई सेवाओं को आरटीएस से जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया।
सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि आयोग ने सभी सेवाओं और काम के लिए समयसीमा तय कर रखी है और तय समय के अंदर ही लोगों तक सेवाएं पहुंचनी चाहिएं। समय पर काम न होने पर पीड़ित लोगों के लिए मुआवजा भी तय कर रखा है। वर्तमान में इस अधिनियम के अंतर्गत 28 विभागों की 486 लोक सेवाएं आती हैं। आयुक्त ने वीरवार को 8 अक्तूबर 2020 की अधिसूचना में संशोधन का प्रस्ताव रखा। इनमें से कुछ सेवाओं को हटाने और शामिल करने, सेवाओं की समय सीमा में परिवर्तन और नामित अधिकारियों का परिवर्तन करना शामिल है।
सलाहकार ने समय पर सेवाएं प्रदान करने पर जोर दिया और सभी सचिवों और विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए कि वह उनकी देखरेख में सेवा के अधिकार अधिनियम के अधिकार को सुनिश्चित करें। इस एक्ट को लागू करने में किसी भी प्रकार की चूक को सेवा के अधिकार आयोग के आयुक्त की ओर से प्रशासन के तत्काल संज्ञान में लाया जाएगा, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।