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Panchkula News: 8 घंटे के मानदेय पर 16 घंटे तक ड्यूटी, होमगार्ड जवानों ने उठाए सवाल

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ट्रैफिक, थानों और नाकों पर लंबे समय तक ड्यूटी का आरोप, एसोसिएशन ने मांगी आठ घंटे की शिफ्ट व्यवस्था
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गृह रक्षी विभाग ने ड्यूटी खत्म होने के बाद थाना-चौकियों में तैनाती पर हादसे की जिम्मेदारी से किया इनकार, पत्र में ड्यूटी अवधि स्पष्ट नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। आठ घंटे की ड्यूटी के हिसाब से मिलने वाले दैनिक मानदेय के बावजूद कई होमगार्ड जवानों से 12 से 16 घंटे तक ड्यूटी लिए जाने का मामला सामने आया है। हरियाणा होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने ट्रैफिक, थानों, चौकियों और नाकों पर तैनात जवानों के लिए आठ घंटे की शिफ्ट व्यवस्था लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी लेने के कारण जवानों को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है। वहीं, गृह रक्षी विभाग की ओर से पुलिस उपायुक्त पंचकूला को भेजे गए पत्र में ड्यूटी समाप्त होने के बाद थाना या चौकी में ड्यूटी लगाने की स्थिति में दुर्घटना की जिम्मेदारी विभाग की नहीं होने की बात कही गई है, लेकिन पत्र में ड्यूटी की निर्धारित अवधि स्पष्ट नहीं की गई है।
हरियाणा होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक संदीप शर्मा ने कहा कि होमगार्ड जवानों को आठ घंटे की ड्यूटी के एवज में 788 रुपये दैनिक मानदेय मिलता है। इसके बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था, थानों, चौकियों और नाकों पर तैनात जवानों को कई बार निर्धारित समय से कई घंटे अधिक ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जवानों के सामने कम मानदेय में अधिक घंटे काम करने का सवाल खड़ा हो रहा है।
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एसोसिएशन ने मांग की कि होमगार्ड जवानों के लिए आठ घंटे की शिफ्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय पूरा होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त किया जाए। इसके अलावा जवानों के लिए पर्याप्त विश्राम, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
ड्यूटी के समय को लेकर पत्र में स्थिति स्पष्ट नहीं

जिला आदेशक गृह रक्षी हरियाणा, पंचकूला की ओर से पुलिस उपायुक्त पंचकूला को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ड्यूटी समाप्त होने के बाद गृह रक्षी स्वयंसेवक अपनी ड्यूटी थाना या चौकियों में लगवा लेते हैं। ऐसी स्थिति में ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना या घटना होने पर गृह रक्षी विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। हालांकि, पत्र में गृह रक्षी स्वयंसेवकों की ड्यूटी का निर्धारित समय या शिफ्ट की अवधि स्पष्ट नहीं की गई है।
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कोर्ट जाने की चेतावनी
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि गृह रक्षी स्वयंसेवक ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर जाना चाहते हैं, लेकिन ट्रैफिक, थानों और नाकों पर उनकी ड्यूटी लगाकर आठ घंटे से अधिक काम करवाया जाता है। उन्होंने सरकार से मामले में ध्यान देने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गृह रक्षी स्वयंसेवकों के हितों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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