यूनिट नहीं बनने से मरीजों को होती है परेशानी, उनको करना पड़ता है पीजीआई व जीएमसीएच-32 रेफर
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में 40 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए 16 करोड़ रुपये दो साल पहले पास हो गया, लेकिन जगह का निर्धारण नहीं होने के कारण अभी तक इसका काम नहीं शुरू हो पाया है। यूनिट को बनाने के लिए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तरफ से सिविल अस्पताल के स्टाफ से कई बार मीटिंग की जा चुकी है लेकिन अभी तक इसका हल नहीं निकल पाया है। इस कारण लगातार ट्रामा सहित अन्य गंभीर मरीजों को पीजीआई रेफर करना पड़ता है।
इस लेट लतीफी से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को हो रही है। पंचकूला सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जानी है। इसको मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के पास खाली जगह में बनाया जाना था। इसमें अस्पताल के अंदर पोस्टमार्टम हाउस की जगह आड़े आ रही है। अभी तक इसे भी शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इसके लिए अस्पताल परिसर में नई जगह भी निर्धारित नहीं हुई है। अस्पताल परिसर में इस जगह को कम होने के बाद अभी तक शिफ्ट करने का प्लान भी नहीं बनाया जा सका है। इस कारण यह हालात बने हैं।
डॉक्टरों के आवासीय क्षेत्र को भी लिया जा सकता है
हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों को मिलने वाली सुविधा एक जगह पर होनी चाहिए। अगर क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए जगह नहीं मिलेगी तो डॉक्टरों के आवासीय क्षेत्र को खत्म कर यहां पर बनाए जाने का प्लान बनाया जाएगा। अभी इसके लिए विचार-विमर्श किया जा रहा है।
एक माह में 20 से ज्यादा मरीज होते हैं रेफर
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 से एक माह में 20 से ज्यादा क्रिटिकल पेशेंट रेफर किए जा रहे हैं। इसमें जगह नहीं होने के कारण इलाज के बाद उन्हें रखा नहीं जाता है। अगर यह यूनिट यहां पर बनी होती तो लोगों को रेफर नहीं करना पड़ता। उनका आसानी से इलाज हो जाता। मरीजों के लिए जगह नहीं होने के कारण इन्हें पीजीआई और जीएमसीएच-32 रेफर करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में जगह देखी जा रही है। क्रिटिकल केयर यूनिट को यहां पर बनाया जाएगा। अगर जगह की कोई कमी आएगी तो इसके लिए रेजीडेंट डॉक्टरों के आवास को यहां से शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही जगह फाइनल करेंगे। - सोनिया त्रिखा खुल्लर, महानिदेशक, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग