अंडेमान निकोबार, गोवा, मिजोरम एंड यूनियन टेरेटरी (एजीएमयूटी) कैडर के आईएएस अधिकारी जितेंदर यादव का केंद्रीय गृह मंत्रालय ने डेपुटेशन पर हरियाणा में तबादला कर दिया है। पूर्व एडवाइजर परिमल राय के कार्यकाल के दौरान यूटी प्रशासन में सबसे पावरफुल अफसर रहे जितेंदर यादव ने 14 जून को केंद्र से इंटर कैडर डेपुटेशन के तहत हरियाणा में तबादला करने की रिक्वेस्ट की थी। उन्होंने इसके पीछे पर्सनल कारण बताए थे। अब वे तीन साल तक डेपुटेशन पर हरियाणा में रहेंगे।
यूटी प्रशासन के युवा अफसरों में जितेंद्र यादव ने बतौर हाउस अलॉटमेंट कमेटी के इंचार्ज अफसर की तैनाती के तौर पर सरकारी मकानों में अनाधिकृत तौर से रह रहे लोगों को बाहर खदेड़ने के लिए अभियान चलाया और बहुत से ऐसे कर्मचारियों को पकड़ा जो अवैध रूप से रह रहे थे। इस कार्रवाई के चलते उन्हें हाउस अलाटमेंट कमेटी से हटना भी पड़ा था। इस विभाग में सबसे बड़ा योगदान उनका यह रहा कि उन्होंने बिना रिकार्ड चल रहे मकानों का संपूर्ण ब्यौरा ऑनलाइन तैयार किया।
वैट घोटाले का किया खुलासा
जितेंद्र यादव के पास एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग का भी काफी समय तक प्रभार रहा। उनके समय में ही यहां वैट घोटाले का एडवाइजर की ट्रिब्यूनल कोर्ट में खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने न केवल डिफाल्टर कंपनियों को नोटिस भेजे बल्कि उन पर जल्द पैसे जमा कराने का दबाव भी बनाया।
सिटको को घाटे से उबारने का किया प्रयास
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन (सिटको) का भी उनके पास प्रभार रहा। कारपोरेशन को घाटे से निकालने और इसकी स्थिति ठीक करने के लिए उन्होंने कई कदम उठाए। हालांकि यहां से भी बाद में उनका तबादला कर दिया गया क्योंकि उनके पास यह अस्थायी प्रभाव था। इसके अलावा उनके पास डीसी का भी प्रभार रहा है।