चंडीगढ़ पीजीआई ओपीडी की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया मंगलवार को करीब एक से डेढ़ घंटे तक बाधित रही। इससे लगभग करीब डेढ़ हजार से ज्यादा मरीजों को डाक्टर को दिखाए बिना वापस जाना पड़ा। इसमें कुछ ऐसे मरीज भी थे, जो काफी दूर-दराज से आए थे।
मरीजों के साथ आए अटेंडेंट का कहना है कि जब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया नहीं हो पा रही थी तो रजिस्ट्रेशन काउंटर का समय बढ़ाना चाहिए था। पीजीआई प्रवक्ता मंजू वडवालकर का कहना है कि मंगलवार को बिजली एक से डेढ़ तक बाधित रही। बीच-बीच में बिजली आ-जा रही थी। इससे बैकअप भी नहीं चल नहीं पाया। टेक्निकल फाल्ट की वजह से बिजली सप्लाई बाधित हुई थी।
आमतौर पर पीजीआई में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना दस हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन होता है। मंगलवार को 8600 मरीजों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका। इस हिसाब से डेढ़ हजार लोग मंगलवार को रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए। पटियाला से आए देवेंद्र ने बताया कि मंगलवार को वे न्यूरोसर्जरी की ओपीडी में दिखाने आए थे।
आठ बजे पहुंचे तो काफी लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन बिजली बाधित होने से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी धीमी गति से चली। इस वजह से उनका नंबर ही नहीं आ पाया। यदि सब कुछ सामान्य रहता तो दस बजे तक उनका नंबर आ जाता। अब उन्हें वीरवार को आना पड़ेगा।
इसी तरह से पंचकूला से आईं विदुषी गाइनी के एंटीनेटल क्लीनिक में दिखाने आई थीं, लेकिन उन्हें भी देवेंद्र की तरह मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। विदुषी का कहना था कि इतने बड़े संस्थान में यदि बैकअप का इंतजाम न हो तो सोचने की बात है। पीजीआई में रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह आठ से 11 बजे तक खुलता है। शनिवार को रजिस्ट्रेशन 8 से 10.30 बजे तक रहता है।