ट्राइसिटी में बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं ने यूटी प्रशासन को चिंतित कर दिया है। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के निर्देश पर रायपुर कलां में लावारिस डॉग्स को रखने के लिए शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यहां 300 डॉग्स को रखने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। एडवाइजर मनोज परिदा की मानें तो प्रशासक के निर्देश पर इसे एक महीने के अंदर तैयार किया जाना है। यह शेल्टर होम एनजीओ की सहायता से चलाया जाएगा। शहर के साथ ही आसपास के इलाकों में लावारिस डॉग्स का आतंक काफी बढ़ गया है।
शाम होते ही प्रमुख सड़कों से लेकर विभिन्न सेक्टरों की सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। शहर में धीरे-धीरे डॉग्स बाइट की समस्या लाइलाज बीमारी बनती जा रही है। लावारिस डॉग्स बढ़ने के साथ ही गर्मी के समय डॉग बाइट की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। रायपुरकलां गांव में 10 एकड़ सरकारी जमीन पर यह डॉग्स शेल्टर बनने जा रहा है। इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि डॉग्स शेल्टर होम के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। एक महीने के अंदर इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रोजाना डॉग्स बाइट के 80 मामले आ रहे
ट्राइसिटी में रोज तकरीबन 80 बच्चे डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। अकेले चंडीगढ़ की बात करें तो प्रतिदिन 35 से अधिक डॉग बाइट्स के मामले आ रहे हैं। इसकेे पंचकूला और मोहाली में भी 25 से 30 मामले सामने आ रहे हैं। ये आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं, जोकि प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन शेल्टर होम बनवाने के अलावा अन्य कई विकल्पों की भी तलाश कर रहा है। इसके लिए डॉग्स एक्सपर्ट की राय भी ली जा रही है।
डॉग्स पकड़ने और छोड़ने का किया जाएगा काम
रायपुर कलां में बनने वाले शेल्टर होम में चार से पांच कमरे बनाए जाएंगे। इसमें दो-तीन ओटी रूम भी बनेंगे, जहां डॉग्स की नसबंदी करने के साथ-साथ एंटी रैबीज व संक्रामक रोग का टीका दिया जाएगा। लावारिस डॉग्स को पकड़ने के लिए टीमें काम करेंगी। सभी टीमों को वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। ये वाहन पूरी तरह से बंद होंगे। इस वाहन के माध्यम से लावारिस डॉग्स को पकड़ने और छोड़ने का काम किया जाएगा।
ऐसे लावारिस डॉग्स को किया जाएगा काबू
लावारिस डॉग्स की नसबंदी करने के साथ एंटी रैबीज इंजेक्शन देने के लिए वेटरिनरी डॉक्टरों के साथ ही सेवानिवृत्त डॉक्टरों और डॉग्स के लिए काम कर रहे विभिन्न एनजीओ का सहयोग लिया जाएगा। लावारिस डॉग्स को पकड़ने के लिए अभियान तेजी से चलाया जाएगा, ताकि शहर के लावारिस डॉग्स को नियंत्रित किया जा सके।