चंडीगढ़। मेडिकल कालेज में डिलीवरी के बाद बधाई मांगने से परेशान एक शख्स ने अस्पताल प्रशासन को शिकायत दी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी पत्नी की डिलीवरी मेडिकल कालेज के गायनी डिपार्टमेंट के लेबर रूम में हुई। सबकुछ ठीक रहा, लेकिन वहां के अटेंडेंट और सिक्योरिटी गार्ड के व्यवहार से उसे काफी टार्चर सहना पड़ा। एक महिला सिक्योरिटी गार्ड ने 500 रुपये मांग लिए। जब तक उसे पैसे नहीं दिए गए, तब तक महिला सिक्योरिटी गार्ड उसे तंग करती रही। हालांकि, यह हाल सिर्फ मेडिकल कालेज का नहीं बल्कि शहर के सभी अस्पतालों में लेबर रूम के बाहर तैनात स्टाफ का है। वे न सिर्फ मरीजों के अटेंडेंट से बुरा व्यवहार करते हैं बल्कि उनसे रुपये भी वसूलते हैं।
जीरकपुर निवासी शिकायतकर्ता सचिन अरोड़ा ने बताया कि उनकी पत्नी जब लेबर रूम में दाखिल थी तो उन्हें वहां मौजूद स्टाफ व महिला सिक्योरिटी गार्ड ने उनके साथ काफी अभद्र व्यवहार किया। जब वे उससे अपनी पत्नी का हाल पूछते तो सीधा जवाब देने के बजाय उससे बदतमीजी करती थीं। पत्नी की डिलीवरी के बाद जब सचिन ने अपनी पत्नी के बारे में पूछा तो बधाई देने को कहा और बधाई के एवज में उसने पैसे मांग लिए। सचिन ने 100 रुपये देने की बात कही तो वह तैयार नहीं हुई और कम से कम 500 रुपए मांगे। बाद में सचिन ने 500 रुपये थमा दिए। उसके बाद जब सचिन अपनी पत्नी की छुट्टी करवाकर घर पहुंचे तो उन्होंने इस बारे में शिकायत देने का फैसला लिया। उन्होंने लेबर रूम के स्टाफ और महिला सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के दफ्तर में शिकायत दी है। इस बारे में जब मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. रवि गुप्ता से बात की गई तो उनका कहना था कि वे जून के आखिरी हफ्ते में बाहर थे। उन्हें फिलहाल शिकायत नहीं मिली है। लेकिन फिर भी यदि किसी स्टाफ या सिक्योरिटी गार्ड ने किसी मरीज के साथ दुर्व्यवहार किया है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।