चंडीगढ़ में सेक्टर- 38 वेस्ट स्थित डॉग स्टेरिलाइजेशन सेंटर में रविवार दोपहर एनजीओ के सदस्यों ने हंगामा कर दिया। सदस्यों का आरोप था कि सेंटर में कुत्ते दो दिन से भूखे हैं, उन्हें कुछ भी खाने को नहीं दिया गया है। सेंटर पर मौजूद लोग उन्हें अंदर भी नहीं जाने दे रहे हैं। हंगामे की सूचना के बाद विभाग के इंचार्ज डॉ. कंबोज मौके पर पहुंचे और लोगों की समस्याआें का निराकरण कराया। तब जाकर लोग शांत हुए।
फोर एवर फोर यू संस्था की अध्यक्ष सिमरन ने बताया कि उन्हें किसी ने सूचना दी कि यहां टेंडर लेने वाले कंपनी के लोगों में झगड़ा हो गया है। इससे यहां स्टेलाइजेशन के लिए लाए गए कुत्तों को दो दिनों से न खाना दिया गया है और न उनकी गंदगी साफ की गई है। सूचना पर दोपहर में जब यहां पहुंचे तो गेट खुला हुआ था। तब तक यहां मौजूद कुछ लोगों को एनजीओ के सदस्यों के आने की सूचना मिल गई। उसके बाद कंपनी के लोगों ने जबरन उन्हें बाहर निकाल दिया।
मौके पर पहुंचे डॉ. कंबोज ने इंस्पेक्टर से पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से जानकारी मिली है कि कंपनी के लोगों में आपी अनबन है, लेकिन निगम को इससे कोई मतलब नहीं काम सही तरीकेसे होना चाहिए। नहीं तो कार्रवाई होगी। टेंडर लेने वाली कंपनी के अधिकारी को फोन कर सोमवार को मिलने के लिए कहा गया है। क्षेत्र के इंस्पेक्टर को ड्यूटी टाइम पर सेंटर पर रहने के साथ ही अतिरिक्त निगम के कर्मचारियों को भी लगाने के निर्देश दिए हैं।
वीडियों में थे काफी बुरे हालात, पुलिस ने भी झाड़ा पल्ला
सिमरन ने बताया कि गेट खुला देख वह सेंटर में अंदर घुस गई। लाइव वीडियो बनाते हुए उन्होंने गंदगी और बैरक में बंद कुत्तों के बर्तनों को दिखाया। पहले से ही बीमार कुत्तों केलिए यह काफी हानिकारक है। वहीं पुलिस को भी फोन लगाया तो वह भी अपना पल्ला झाड़कर चले गए।
आपसी विवाद से काम हुआ प्रभावित
मौके पर मौजूद टेंडर लेने वाली कंपनी के व्यक्ति ने बताया कि जिन लोगों को काम दिया गया था, वह लोग पूरा सामान ले गए और अपनी नई कंपनी बना ली। इसलिए उन्हें हटा दिया। वहीं पहले से काम कर रहे कंपनी के एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें शनिवार शाम को कह दिया गया कि 10 मिनट में सेंटर से बाहर निकल जाओ। बाद में पूछताछ में सामने आया कि जिस कंपनी ने टेंडर लिया है उसने खुद न काम करते हुए किसी दूसरी कंपनी को काम करने के लिए कहा है। बाद में आपसी झगड़े से मामला उलझ गया।