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पत्र लिखकर चेताया- नगर निगम चंडीगढ़ ऑफिस में हादसा हुआ तो फायर ब्रिगेड नहीं होगा जिम्मेदार

Mon, 08 Jul 2019 11:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फायर बिग्रेड - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ नगर निगम में लापरवाही का आलम यह है कि आठ माह पहले फायर ब्रिगेड की ओर से भेजे गए पत्र का जवाब अब तक नहीं दिया गया है। अब फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने दोबारा निगम को पत्र जारी कर मीटिंग की याद दिलाई है। खास बात यह है कि पत्र में लिखा गया है कि निगम की बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के कोई उपकरण नहीं हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ निगम की ही होगी।
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फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट ने 22 नवंबर 2018 को निगम को एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी से जुड़े नियम पूरे नहीं हैं। जल्द मानक पूरे कर विवरण दें। इस पत्र का जवाब निगम के अधिकारियों ने आठ माह में भी नहीं दिया। अब फायर ब्रिगेड ने बीते 6 जून को दोबारा पत्र लिखा, लेकिन अब तक निगम ने उसका भी कोई जवाब नहीं दिया है।

हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग के रेनोवेशन के साथ फायर सेफ्टी के सारे मानकों को पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन बजट की समस्या के कारण यह काम भी अधर में लटका है। फायर डिपार्टमेंट ने भी नगर निगम की चीफ इंजीनियर मनोज बंसल को स्पष्ट कह दिया है कि यदि निगम में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम को लेनी होगी।
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न इमरजेंसी दरवाजे और न उपकरण
सेक्टर 17 केफायर ऑफीसर ने बताया कि निगम में न इमरजेंसी एग्जिट पोल हैं और न फायर एक्सटिंग्यूसर सिस्टम (सिलेंडर) लगे हैं। चौथी से लेकर छठी मंजिल तक तीन साल पहले ही 40 करोड़ से नई बिल्डिंग बनी है। यहां स्मोक और अलार्म सिस्टम तो लगे हैं, लेकिन शोपीस हैं। ग्राउंड फ्लोर से पानी की पाइप न लगी होने से समस्या और विकराल है। पार्किंग में गाड़ियों केसाथ ही अलमारियां और फाइलें रखी हैं।

मेयर का कमरा सबसे ज्यादा अनसेफ
निगम में यदि आग लगी तो मेयर का ऑफिस सबसे ज्यादा अनसेफ है। साथ ही सदन का कमरा भी पूरी तरह से अनसेफ है। यदि कहीं आग लगी तो छटवीं फ्लोर से निकलना भी मुश्किल है। वहंी आग बुझाने के लिए भी कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी होगी। ऐसे में नगर निगम को सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर से सेफ्टी मानक पूरे करने होंगे, उसके बाद ऊपर के फ्लोर पर फायर सेफ्टी उपकरण्र लगाए जाएंगे।

एक महीने में कर देंगे स्मार्ट सिटी केटेंडर
स्मार्ट सिटी के जनरल मैनेजर एनपी शर्मा का कहना है कि जो मानक फायर ब्रिगेड के हिसाब से पूरे नहीं है, उनका एस्टीमेट बना दिया है। फाइल भेजी है अगले महीने तक उसका टेंडर कर दिया जाएगा। इसमें लगभग 5 लाख रुपयों की लागत है। जल्द मानकों को पूरा करके नोटिस का जवाब भेज दिया जाएगा। साथ ही एनओसी के लिए भी एप्लाई कर दिया जाएगा। हालांकि स्मार्ट सिटी को 21 जुलाई तक नोटिस का जवाब देना था। वहीं सेक्टर 16 का हॉस्पीटल भी अनसेफ है। डायरेक्टर हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर को नोटिस जारी करते हुए विभाग ने 3 अगस्त तब जवाब मांगा है।
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