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लावारिस कुते ने मासूम बच्ची को काटा, चेहरे पर गहरा घाव

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पंचकूला। लावारिस कुत्ते का शिकार इस बार चार साल की एक मासूम बन गई। पंचकूला सेक्टर चार निवासी अनन्या के चेहरे पर कुत्ते ने काट लिया। गहरा घाव होनेे के कारण बच्ची को सेक्टर 6 जनरल अस्पताल से पीजीआई रेफर कर दिया गया। यहां उसकी सर्जरी की तैयारी की जा रही है। बच्ची लंगर खाने के बाद जामुन के पेड़ के नीचे जामुन उठाने गई थी। तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब पौने दो बजे सेक्टर-4 हरिपुर मकान नंबर-30 निवासी अनन्या बच्चों के साथ नगर खेड़ा में लंगर खाने गई थी। लंगर खाने के बाद अनन्या पास ही जामुन के पेड़ के नीचे चली गई। जैसे ही वह जामुन उठाने लगी तो वहां बैठे कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के मुंह पर दाहिनी तरफ गहरा घाव कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने कुत्ते को भगाया और अन्य बच्चों ने इसकी सूचना अनन्या की मां रेशिमा को दी। वह उसे सामान्य अस्पताल पहुंची, लेकिन बच्ची की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया।
सामान्य अस्पताल में नहीं है सर्जरी की सुविधा
सामान्य अस्पताल में सर्जरी की सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को डॉक्टरों को मजबूरन रेफर करना पड़ता है। लोगों ने बताया कि प्रशासन ने यहां भले ही सुविधा के लिए अलग से डॉग बाइट्स का काउंटर खोला है, लेकिन यहां केवल इंजेक्शन ही लगते हैं। यदि कोई गंभीर मरीज आता है तो उसे दूसरे अस्पताल में भेज दिया जाता है। प्रशासन को यहां सर्जरी की सुविधा भी मुहैया करवानी चाहिए।
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यहां के लोग आते हैं इलाज करवाने
सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में डॉग बाइट्स का इलाज करवाने के लिए पंचकूला, जीरकपुर, मनीमाजरा, ढकोली, रामगढ़, मोरनी, बरवाला, रायपुररानी, कालका, पिंजौर, मौलीजागरां से पहुंचते हैं।

अस्पताल में खुला है डॉग बाइट का काउंटर
नगर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि कुत्तों के आतंक को देखते हुए सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में एक अलग से काउंटर भी खोला गया है। इस काउंटर को खोलने के पीछे का मक सद ये है कि कुत्तों के आतंक से पीड़ितों को अस्पताल में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ा। यहां आने वाले मरीजों को इंजेक्शन से लेकर दवा तक फ्री में दी जा रही है। यहां के स्टाफ को निर्देशित किया गया है कि डॉग बाइट के इंजेक्शन और दवा में किसी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए।

कुत्तों के काटने पर यह करें- सामान्य अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एमडी अश्विनी भटनागर ने बताया कि कुत्ते के काटने पर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
- जिस जगह पर कुत्ते ने काटा है उसे साफ पानी से धोना चाहिए। इससे घाव पर बैक्टीरिया लगने का खतरा कम हो जाएगा।
- यदि घाव से खून बह रहा है तो उसे रोके नहीं। उसे बहने दें। इससे जहर निकल जाता है।
- इसके बाद एंटी बायोटिक क्रीम लगाएं। इससे पूरे शरीर में इंफेक्शन फैलने का खतरा कम हो जाएगा।
- इसके बाद घाव पर बैंडेज लगाएं। इससे वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया घाव तक नहीं पहुंच पाएंगे।
- इस प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर की सलाह पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाएं

कुत्ते को देखकर यह न करें
- आवारा कुत्ते यदि पार्क में घूम रहे हैं तो उनको उकसाएं नहीं।
- कुत्तों को कभी इशारा कर न बुलाएं।
- गर्मी में कुत्ते अधिक उग्र हो जाते हैं।
- पार्क में घूम रहे कुत्तों को खाना न डालें।

गर्मी में क्यों उग्र हो जाते हैं कुत्ते: विशेषज्ञ
अश्विनी भटनागर का कहना है कि कुत्ते अधिक गर्मी सहन नहीं कर पाते हैं। यही कारण है कि वह ऐसे मौसम में उग्र हो जाते हैं। सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने के मामले जून, जुलाई माह में ही सामने आते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। जहां तक संभव हो कुत्ते को देखकर रास्ता बदल लें। यदि मजबूरन जाना पड़े तो हाथ में कोई डंडा या पत्थर जरूर रखें।

मुख्य बिंदु
- सन 2018 में आए थे 4000 डॉग बाइट्स के केस
- सन 2016-17 में आए थे 1500 से 1700 केस
- 15 से 20 लोग प्रतिदिन पहुंच रहे सामान्य अस्पताल
- 7816 कुत्तों का निगम करवा चुका है स्टेरलाइजेशन
- 3733 कुत्ते और 4083 कुतियों की है शहर में संख्या

किस माह में आए कितने केस
जनवरी-2019 448
फरवरी-2019 446
मार्च-2019 545
अप्रैल-2019 446
मई-2019 432
जून-2019 450
जुलाई-2019 100

घटना मेरे संज्ञान में है। इनके आतंक पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। कुत्ते लोगों पर क्यों हमला कर रहे हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण क्या है। इन्हें कैसे रोका जा सकता है। यह जानने के लिए विशेषज्ञों से संपर्क किया जाएगा और उनसे सुझाव लिए जाएंगे। हमला करने वाले कुत्तों को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद एनिमल बोर्ड एसोसिएशन के सदस्यों से बात करेंगे कि इस तरह के केस भविष्य में सामने न आएं इसके लिए क्या प्रबंध किए जाएं। पहले भी एनिमल बोर्ड से बात शुरू हुई थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते बात बीच में ही रह गई। शहर के करीब 7816 कुत्तों का स्टेरलाइजेशन करवाया जा चुका है।
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राजेश जोगपाल, नगर निगम कमिश्नर पंचकूला।
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