मोरनी। शनिवार दोपहर को बरसाती नदी में अचानक आए पानी के तेज बहाव में एक कार फंस गई। बहाव इतना तेज था कि 13 क्विंटल वजनी कार को 200 मीटर तक बहाकर ले गया। लेकिन गनीमत रही कि कार में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कार पत्थरों में अटकर रुक गई। वहीं, कार के शीशे बंद होने के चलते पानी कार के अंदर नहीं घुस सका जिससे कार को बाहर से ही नुकसान हुआ। कार कई घटों तक पानी में डूबी रही जिसे स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रस्सी डालकर आगे बहने से रोका गया।
मिली जानकारी के अनुसार मोरनी के खरक गांव में उत्तर प्रदेश के दो कृषि विशेषज्ञ इलाके में जैविक खेती करने वाले किसानों की फसलों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे हुए थे। उन्होंने अपनी कार को खरक गांव से निकलने वाली घग्गर नदी के किनारे पर पार्क किया था। लेकिन मोरनी के साथ लगते हिमाचल में घंटों तक हुई जबरदस्त बारिश के कारण देखते ही देखते घग्गर अचानक उफान पर आ गई और नदी में आए उफान की चपेट में कृषि विशेषज्ञों की गाड़ी आ गई।
दर्जनों ऐसे प्वाइंट है जहां पर नहीं चेतावनी बोर्ड
इस घटना ने जिला प्रशासन के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है क्योंकि हर साल बरसात के सीजन में प्रशासन की ओर से बरसाती नदी नालों से लोगों को दूर रखने के लिए चेतावनी जारी की जाती है। लेकिन इंतजाम न के बराबर किए जाते हैं। इलाके के गांव बड़ी शेर, सैड़ा, नीमवाला इत्यादि कई गांवों में ऐसे दर्जनों प्वाइंट है जहां प्रशासन की ओर से चेतावनी बोर्ड ही नहीं लगाए गए है। जिस वजह से घग्गर नदी के नजदीक जाने की पाबंदी होने के बावजूद बाहर से आने वाले लोग बेखौफ होकर नदियों में नहाने के लिए उतर जाते हैै और ऐसे हादसों का शिकार हो जाते हैं।