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एमबीबीएस के दाखिले, चंडीगढ़ में 10वीं से 12वीं तक पढ़ाई करने वालों को ही स्टेट कोटा का लाभ

Fri, 05 Jul 2019 12:45 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में दाखिले के लिए चंडीगढ़ स्टेट कोटे का लाभ किन आवेदकों को मिलेगा, इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए अपना फैसला सुना दिया।
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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सेक्टर-32 के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में एमबीबीएस में स्टेट कोटे से दाखिले के लिए शहर के स्कूल से 10वीं, 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करने वाले आवेदक ही योग्य होंगे। जस्टिस दया चौधरी एवं जस्टिस सुधीर मित्तल की खंडपीठ ने यह आदेश स्टेट कोटे के तहत शहर के किसी भी स्कूल से सिर्फ 12वीं पास आवेदकों को दाखिला दिए जाने के नियम को रद्द करते हुए जारी किया है। इस आदेश के बाद मेडिकल कालेज ने एमबीबीएस की काउंसलिंग स्थगित कर दी है।

विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया गया था की चंडीगढ़ प्रशासन ने जीएमसीएच के एमबीबीएस कोर्स के स्टेट कोटे में शहर के स्कूल से बारहवीं पास करने वालों को हकदार बना दिया है। याची ने कहा कि ऐसा करना पूरी तरह से गलत है, क्योंकि इस नियम के तहत वह आवेदक भी इस कोटे के तहत दाखिला ले लेंगे, जिन्होंने अन्य किसी भी राज्य से दसवीं और ग्यारहवीं तक की शिक्षा ली है और बारहवीं की पढ़ाई चंडीगढ़ में आकर कर ली है।
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याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस नियम से शहर के छात्रों को बाहरी राज्यों के आवेदकों से मुकाबला करना पड़ेगा, जोकि पूरी तरह से गलत है। इस नियम के चलते स्टेट कोटा का कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा। हाईकोर्ट को बताया गया कि वर्ष 1992-93 में जब जीएमसीएच बना था तब शहर के स्कूल से दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं करने वाले आवेदकों को ही स्टेट कोटे में दाखिला दिया जाता था। बाद में इस नियम में ढील देते हुए इसमें सिर्फ ग्यारहवीं और बारहवीं कर दिया गया।

इसके बाद केवल बारहवीं का ही प्रावधान बना दिया गया। गत वर्ष भी प्रशासन ने यही नियम बनाए थे, तब हाईकोर्ट ने प्रशासन के इस नियम को रद्द करते हुए उसे स्टेट कोटे के नियम और बेहतर बनाए जाने के आदेश दिए थे। इन आदेश के बावजूद प्रशासन ने फिर वही पुराना नियम लागू कर दिया। इसके बाद दोबारा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
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