पंचकूला। शहरी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा समस्याओं को हल करने के लिए नगर निगम पंचकूला का डाटा संचालित वैज्ञानिक दृष्टिकोण राज्य व देश में एक उदाहरण स्थापित कर रहा है। सड़क सुरक्षा के मुद्दों को हल करने के लिए नगर निगम ने न केवल योजना के मामले में विशेष पहल की है बल्कि उनके कार्यरूप देने में भी विशेष पहल की है। पंचकूला अभी तक स्मार्ट सिटी तो नहीं है लेकिन नगर निगम द्वारा जमीनी स्तर पर किए जाने वाले कामों के कारण सड़क सुरक्षा व अन्य मापदंडों को ध्यान में रखते हुए यह शहर स्मार्ट शहरों के लिए एक उदहारण प्रस्तुत कर रहा है। यह दावा पंचकूला नगर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल ने किया है।
पंचकूला जिला में निगम द्वारा किए जा रहे सुरक्षा प्रावधान की जानकारी देते हुए आयुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय राज मार्ग सहित लगभग 211 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का ऑडिट किया गया। इस ऑडिट के आधार पर 21 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है। इन स्थानों की पहचान के बाद 18 किलोमीटर शहर के मुख्य गलियारों में पैदल यात्रियों व साइकिल चालकों की सुविधा के लिये तकनीकि सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह 18 किलोमीटर का क्षेत्र शहर का वह एरिया है जहां अत्याधिक ट्रैफिक संचालित होता है। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र के 8 मुख्य चौराहों में भारतीय सड़क कांग्रेंस के दिशा निर्देशानुसार संशोधन किया गया है।
पांच आकस्मिक ब्लैक स्पॉट में से तीन है अब पूरी तरह सुरक्षित, दो पर काम जारी
नगर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार पंचकूला जिला में ब्लैक स्पॉट के रूप में पहचाने जाने वाले 24 ब्लैक स्पॉट में से पांच आकस्मिक ब्लैक स्पॉट नगर निगम क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर हैं और यह अधिकतर राष्ट्रीय राज मार्ग पर हैं। ब्लैक स्पॉट से पहचाने जाने वाले यह इस तरह के क्षेत्र है जहां पिछले तीन वर्षों में पांच या पांच से अधिक घातक या गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। ऐसे स्थानों का विशलेषण सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ, सड़क सुरक्षा सहयोगी और पंचकूला पुलिस की मदद से किया जाता है। नगर निगम की सड़कों पर यह सभी पांच आकस्मिक ब्लैक स्पॉट दुर्घटनाओं की गंभीरता के आधार पर पांचवें क्रम के ब्लैक स्पॉट हैं। इन पांच आकस्मिक ब्लैक स्पॉट में से तीन पुराने रोटरी थे और पिछले एक वर्ष में निगम द्वारा किए गए सुधारों और सुरक्षात्मक उपायों के कारण वर्ष 2018 और 19 में इन स्थानों पर कोई भी घातक और गंभीर दुर्घटना दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा अपनाये गये वैज्ञानिक दृष्टिकोण के परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं। इसके अलावा सेक्टर-14, 19, अमरटैक्स चौक तथा 8-9-5 की ट्रैफिक लाईटों के क्षेत्र में पड़ने वाले ब्लेक स्पॉट में सुधार का कार्य जारी है।इन्हे भी जल्द ही सुरक्षित बना दिया जाएगा ।
आने वाले समय में पंचकूला बन जाएगा सबसे सुरक्षित शहर
निगम आयुक्त ने उम्मीद जाहिर की कि आने वाले समय में न केवल आवास के लिये बल्कि पंचकूला शहर कई अलग उदाहरणों के साथ सुरक्षित शहर बन पायेगा। जहां वाकिंग और साइकिलिंग जैसे गैर मोटर चालित परिवहन के लिये एक समर्पित गलियारे, यातायात नियमों की अवेलना तथा अपराधिक घटनाओं पर नजर रखने के लिउ 48 अलग अलग स्थानों पर 379 सीसीटीवी कैमरे, सुंदर पेड़ों से सुसज्जित आधुनिक गोल चक्कर जैसी सुविधाओं से युक्त होगा। विशेष रूप से महिलाओं के लिये सुरक्षित सड़कें, सार्वजिक साइकिलिंग शेयरिंग कार्यक्रम और न्योजन सिटी बस सेवा के माध्यम से, पहले और आखिरी मील कनेक्टिविटी के साथ बस क्यू शैल्टर जैसी सुविधाओं से युक्त शहर की कल्पना का कार्य रूप दिया जा रहा है।