1.3 लाख की रिश्वत लेने के मामले में नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी अखंड राज को सीबीआई कोर्ट से जमानत मिल गई है। बीते 6 जून को अखंड राज ने जमानत याचिका दायर की थी। जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि अखंड राज से जो पैसे की रिकवरी होनी थी, वह की जा चुकी है। सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
बीती 30 मई को सीबीआई को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित केंद्रीय सदन मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लायमेंट कार्यालय के डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर महेश चंद शर्मा और लेबर इंफोर्समेंट अफसर विवेक नाइक कुछ प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर बठिंडा स्थित निजी कंपनियों से लेबर लॉ और ईपीएफ को लेकर उनसे महीने के हिसाब से पैसे लेते हैं।
सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाकर मामले में लेबर अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों को पंचकूला के सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान महेश चंद्र शर्मा, (डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर) विवेक नाइक (इंफोर्समेंट लेबर अफसर), गुरमीत सिद्धू, (बिचौलिया), मुनीष गर्ग, (बिचौलिया) और अखंड राज सिंह (कंपनी कर्मचारी) के रूप में हुई थी। सभी आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में पेश कर पांच-पांच दिन का रिमांड लिया था।