फिल्म इंडस्ट्री हो या संगीत की दुनिया। यहां आने वाले सिंगरों और कलाकारों की तमन्ना होती है कि वह अपने रोल मॉडल के साथ करें, पर मेरे लिए पापा ही रोल मॉडल हैं। तमन्ना है कि एक दिन मैं अपने पापा के साथ गीत गाऊं। यह कहना है मशहूर गायक हरभजन मान के बेटे अवकाश मान का। अवकाश अपने पिता हरभजन मान के साथ चंडीगढ़ के होटल जेडब्ल्यू मैरियट में पहुंचे थे।
अवकाश ने बताया कि उनका डेब्यू गीत ‘अवे’ एक बड़ी सफलता थी। इस गीत ने प्रसिद्ध अमेरिकी टॉप 40 में स्थान पाया। अवकाश ने बताया कि उनकी संगीत की पृष्ठभूमि तो है ही, साथ ही उन्होंने कला की भी ट्रेनिंग ली है। इसके लिए द लैंगली स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स और न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी में प्रवेश लिया। अवकाश ने कहा कि उनका नया एलबम ‘तेरे वास्ते’ ठेठ पंजाबी गाने के स्टीरियोटाइप को तोड़ता है।
अवकाश के गीतों की खूबी है कि उसमें गायन के साथ गीत की ईडीएम वाइब्रेंसी है। अवकाश ने बताया कि उनको संगीत सिखाने में पापा का सबसे अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में संगीत जिंदगी को जीने का एक तरीका है। संगीत उनके जीवन में हर तरह के संगीत शैलियों और भाषाओं के साथ मौजूद है।
उन्होंने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उनकी मातृभाषा पंजाबी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ समय बिताने की वजह से उनको काफी लाभ मिला। बेशक उनकी स्टडी कनाडा में हुई, पर यहां रहकर उन्होंने काफी कुछ सीखा। अवकाश ने कहा कि उनकी कोशिश है कि पारिवारिक परंपराओं को आगे ले जाएं।
हरभजन मान ने कहा कि संगीत और कला को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना हर कलाकार का सपना और लक्ष्य होता है। जब कलाकार के पास एक भरोसेमंद टीम हो तो विशेष रूप से उसके लिए लाभदायक होता है। अवकाश की ट्रेनिंग पूरी तरह से की गई है। वह नए संगीत को व्यापक रूप से पेश करेगा।