चंडीगढ़वासी इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। पारा फिर से 40 के पार पहुंच गया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। इसी तरह से रात का तापमान भी 30 डिग्री के करीब पहुंच गया है। रविवार रात का तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। हवा में नमी भी लगातार बढ़ रही है। सोमवार को हवा में अधिकतम नमी 62 फीसदी और न्यूनतम नमी 40 फीसदी रिकार्ड हुई। मौसम विभाग का कहना है कि चार जुलाई से मौसम में बदलाव आ सकता है।
इससे शहरवासियों को थोड़ी राहत मिल सकती है। बारिश होने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। चार से छह जुलाई तक मौसम ठंडा रहेगा। अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट देखी जा सकती है। रात के तापमान में भी राहत की पूरी संभावना है।
मानसून आगमन पर मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल का कहना है कि जुलाई के दूसरे हफ्ते में मानसून एंट्री मार देगा। मानसून तय समय से करीब आठ से नौ दिन देरी से आ रहा है। हालांकि उन्होंने दावा किया है कि जुलाई के महीने में चंडीगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे जरूर राहत मिलेगी।
उत्तर भारत में चंडीगढ़ दूसरा सबसे सूखा राज्य
मानसून की देरी का असर दिखने लगा है। उत्तर भारत में दिल्ली सबसे सूखी रही है, जबकि चंडीगढ़ दूसरे नंबर पर रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, जून में दिल्ली में महज 6.6 मिमी बारिश हुई, जो 26 वर्षों में दूसरी बार सबसे कम है। यह जून में सबसे अधिक बारिश की कमी वाला राज्य था, जो सामान्य बारिश से 90 फीसदी कम था।
इससे पहले 1993 में जून में सबसे सूखा रहा था, तब राजधानी में सिर्फ 5 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। आमतौर पर दिल्ली में जून में करीब 64.1 मिमी बारिश होती है। चंडीगढ़ जून में दूसरा सबसे सूखा राज्य रहा, जहां 1 जून से लेकर 1 जुलाई तक बारिश में 82 फीसदी की कमी दर्ज की गई। यहां सिर्फ 24.8 मिमी बारिश हुई, जो औसतन 137 मिमी होती है।