आमतौर पर घुटना ट्रांसप्लांट की सुविधा सरकारी अस्पतालों में, मेडिकल कॉलेज या बड़े-बड़ै हॉस्पिटल में देखने को मिलती है। अब मनीमाजरा के सिविल अस्पताल ने इस क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। यहां के आर्थोपीडिक सर्जन ने पहले घुटना ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया है।
इसके साथ ही यह चंडीगढ़ का पहला सिविल अस्पताल बन गया है, जिसने घुटना ट्रांसप्लांट किया हो। अस्पताल के आर्थोपीडिक्स सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि उनके पास दड़वा गांव की 62 वर्षीय महिला राज रतन आई थीं, जो ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित थीं और पिछले काफी समय से चलने फिरने में नाकाम थीं।
उन्हें 17 जून को हॉस्पिटल में एडमिट किया गया और अगले ही दिन दोनों घुटने ट्रांसप्लांट कर दिए गउ। 25 जून को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उनका कहना है कि इस सर्जरी की कॉस्ट प्राइवेट अस्पताल के मुकाबले आधी है। इस समय शहर में पीजीआई, मेडिकल कॉलेज और सेक्टर 16 अस्पताल में ही घुटना ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। अब मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में यह सुविधा शुरू कर दी गई है।