चंडीगढ़। पीजीआई के कार्डियोलाजी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने एक जटिल केस की एंजियोप्लास्टी की, जिसे अमेरिका के ऑरलेंडो में बैठे विशेषज्ञों ने लाइव देखा। यह पीजीआई के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। केस की एंजियोप्लास्टी कार्डियोलाजी डिपार्टमेंट के प्रो. डॉ. राजेश विजयवर्गीय ने पीजीआई की कैथ लैब में किया। ऑरलेंडों में इस समय इंटरवेशनल कार्डियोलाजी कांफ्रेंस चल रही है, जिसमें विश्व स्तर के 1500 से ज्यादा एक्सपर्ट हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने इस जटिल केस के जरिए जाना कि कैसे स्टेंटिंग के बाद होने वाली ब्लॉकेज को कैसे दूर किया जा सकता है। प्रो. राजेश ने बताया कि एक मरीज, जिसकी स्टेंटिंग के बाद फिर से ब्लॉकेज हो गई थी। मरीज ने किसी दूसरे हास्पिटल से स्टेंट डलवाया था। प्रो. राजेश के मुताबिक यह काफी जटिल केस था। मरीज की हालत लगातार खराब हो रही थी और एंजियोप्लास्टी में थोड़ी सी गलती से मरीज की जान भी जा सकती थी। यह एक नॉन सर्जिकल प्रोसेस था, जो काफी चुनौतीपूर्ण था। इसे करने के लिए लेटेस्ट तकनीक और एडवांस हार्डवेयर का इस्तेमाल कर मरीज की दोबारा से ब्लॉकेज खोल दी गई। मरीज पूरी तरह से सुरक्षित है और उसकी रिकवरी भी अच्छी हो रही है। प्रो. राजेश का कहना है कि यह दूसरी बार है, जब उन्होंने लाइव सर्जरी की है। कुछ समय पहले भी उन्होंने एक जटिल सर्जरी की थी, जिसका लाइव प्रसारण हुआ था।