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टैक्सी ड्राइवर और मालिक ने पुलिसकर्मियों पर लगाए मारपीट के आरोप

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पंचकूला। एक टैक्सी ड्राइवर ने बीते सोमवार को मनसा देवी रोड पर पंचकूला की पीसीआर के कर्मचारियों पर शराब के नशे में उससे मारपीट करने समेत करीब साढ़े 19 हजार रुपये छीनने के आरोप लगाए हैं। टैक्सी चालक ने पुलिसकर्मियों के रवैये के बारे में टैक्सी मालिक को बताया तो वह भी देर रात थाने पहुंचे। लेकिन आरोप हैं कि बार-बार कहने पर भी थाना मनसा देवी पुलिस ने न तो टैक्सी चालक का मेडिकल करवाया और न ही पीसीआर के आरोपी पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाया गया। टैक्सी के मालिक चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित डीलक्स ट्रैवल्स के संचालक सुनील धारीवाल उर्फ बबलू ने बताया कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर भी वारदात की सूचना दी। लेकिन थाना पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके ही टैक्सी चालक का रैश ड्राइविंग का चालान काट दिया। पुलिस ने बताया कि टैक्सी चालक व मालिक पुलिस थाने में उनकी टैक्सी व अन्य सामान साथ ले जाने की बात लिखित में दे गए हैं। पीड़ित की तरफ से पूरे मामले की शिकायत सीएम विंडो समेत डीजीपी हरियाणा, डीसीपी पंचकूला व अन्य अधिकारियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से की गई है। टैक्सी के मालिक सुनील ने बताया कि उनकी टैक्सी आशीष कुमार चलाता है। बताया कि अशीष 23 जून को चंडीगढ़ से सवारी लेकर हरिद्वार गया और 24 जून की रात करीब 11 बजे लौटा। इसके बाद उसने मंगलवार को चंडीगढ़ से सवारी लेकर मनाली जाना था। बीते सोमवार की रात वह सवारियाें को छोड़कर मनसा देवी के एक धोबी से अपने कपड़े लेने गया गया था।
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पीसीआर के कर्मियों पर शराब के नशे में होने के आरोप
पीसीआर नंबर-14 के पुलिसकर्मियों ने अशीष की गाड़ी रूकवा कर उनसे कागज मांगे। आशीष ने उस दौरान पीसीआर के पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में होने के आरोप लगाए। इस कारण उसने उन्हें कागज देने से इनकार कर दिया। आरोप हैं कि फिर पुलिसकर्मियों ने आशीष से गाली-गलौज की और उससे मारपीट की। आरोप हैं कि यात्रा के 19,500 रुपये भी पुलिसकर्मियों ने जेब से निकाल लिए और फिर उसे एमडीसी थाने में ले गए। पीड़ित ने आरोप लगाए कि थाना मनसा देवी में किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। थाने के एएसआई प्रदीप कुमार ने टैक्सी के मालिक सुनील को फोन किया और उनसे टैक्सी चालक आशीष के नशे में होने की बात कही। सुनील ने एएसआई से कहा कि टैक्सी चालक हरिद्वार से लौटा है तो वह नशा कैसे कर सकता है। एएसआई ने सुनील से टैक्सी चालक को ले जाने को कहा। लेकिन जब वह पुलिस थाने पहुंचे तो आशीष को फटे कपड़ों में पाया। आरोप हैं कि सुनील ने थाना पुलिस से उनके चालक और पीसीआर के पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाने की मांग की। लेकिन पीसीआर कर्मी थाने से निकल गए। सुनील ने आरोप लगाए कि इसके बाद एएसआई प्रदीप ने जबरन उनके टैक्सी चालक का चालान कर दिया।

डीसीपी ने एसीपी को सौंपी जांच
डीसीपी कमलदीप गोयल ने मामला संज्ञान में आने पर जांच का जिम्मा एसीपी विजय देसवाल को सौंपा है। डीसीपी ने बताया कि टैक्सी चालक के आरोपों और पीसीआर के पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट में सामने आए आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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